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कफ सिरप तस्करी में बड़ा खुलासा: 39,000 पन्नों की चार्जशीट, शुभम जायसवाल और पिता भोला पर गंभीर आरोप

वाराणसी। वाराणसी पुलिस ने नशीली दवाओं और कोडीन युक्त कफ सिरप की अंतरराष्ट्रीय तस्करी मामले में शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल समेत 18 आरोपियों के खिलाफ 39,000 पन्नों का विशाल आरोप पत्र तैयार किया है। यह चार्जशीट शहर के न्यायिक इतिहास में संभवतः सबसे लंबी और विस्तृत दस्तावेजी सबूतों वाली चार्जशीट मानी जा रही है।


39,000 पन्नों की चार्जशीट: दस्तावेजी सबूतों का बड़ा जाल

पुलिस ने इस चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ एक मजबूत और विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें:

  • फर्जी फर्मों के दस्तावेज
  • फर्जी ई-वे बिल
  • कूटरचित जीएसटी कागजात
  • लंबी कॉल डिटेल्स (CDR)

ये सभी दस्तावेज तस्करी सिंडिकेट के रैकेट को उजागर करते हैं, जिसने पूरे उत्तर भारत और नेपाल में नशीले कफ सिरप की तस्करी की। विशेष अभियोजक अधिकारी सुनील सिंह और अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, चार्जशीट की समरी (सार) ही 60 पन्नों में तैयार की गई है। इसे मंगलवार को अदालत में दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।


मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित

इस मामले में शुभम जायसवाल, जो प्रहलाद घाट का निवासी है, मुख्य आरोपी है। पुलिस ने बताया कि वह वर्तमान में दुबई में फरार है। सोमवार को कोर्ट ने उसे एक अन्य मामले में भी भगोड़ा घोषित कर दिया। इसके अलावा, वह पहले से ही कोतवाली थाने के मामले में भगोड़ा घोषित है।

इस विकास के बाद, पुलिस अब उसके खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की योजना बना रही है, जिससे उसकी गिरफ्तारी और दुबई से प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी आएगी।


क्या है मामला?

पुलिस ने 15 नवंबर 2025 को कोतवाली थाने में एक बड़े तस्करी रैकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पूरे उत्तर भारत और नेपाल तक नशीले कफ सिरप की सप्लाई की। यह सिंडिकेट बड़े दवा कारोबारियों और फर्जी जीएसटी फर्म संचालकों के सहयोग से चलाया जाता था, जो कागजों पर दवाओं का हेरफेर कर करोड़ों रुपए का काला कारोबार कर रहे थे।


आगे की जांच और कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सिंडिकेट करीब 40 अन्य फर्म संचालकों के साथ भी जुड़ा हुआ है, जिनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि चार्जशीट के आधार पर इन फर्मों का भंडाफोड़ किया जाएगा और दवाओं की तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।

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