29 जनवरी को मानहानि केस की होगी सुनवाई, हाईकोर्ट ने कहा- एमएस धोनी को दी जाए इसकी जानकारी

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार 18 जनवरी को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े एक मामले की सुनवाई की। इस दौरान उच्च न्यायालय ने अपनी रजिस्ट्री से पूर्व कप्तान एमएस धोनी को यह सूचित करने को कहा कि उनके दो पूर्व व्यावसायिक साझेदारों ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया है।
वादी एवं पूर्व व्यावसायिक साझेदारों मिहिर दिवाकर और उनकी पत्नी सौम्या दास ने धोनी, कई सोशल मीडिया मंच और मीडिया घरानों के खिलाफ स्थायी आदेश और क्षतिपूर्ति का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और उन्हें मानहानि करने वाले बयानों को प्रकाशित, प्रसारित करने से रोकने के निर्देश देने का आग्रह किया है।
यह याचिका न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष पेश की गई और उन्हें सूचित किया गया कि वादियों ने धोनी को याचिका के संबंध में जानकारी नहीं दी है। इस पर न्यायमूर्ति ने रजिस्ट्री से क्रिकेटर धोनी को ईमेल के जरिए यह सूचित करने को कहा कि दो पूर्व व्यावसायिक साझेदारों ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है।
अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की। धोनी के पूर्व बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर और उनकी पत्नी सौम्या दास ने क्रिकेटर को क्रिकेट अकादमियों की स्थापना के अनुबंध का उल्लंघन करके 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मानहानिकारक आरोप लगाने से रोकने की मांग की है।
जज ने गुरुवार को कहा, “शिकायत में आरोपों और उसके आगे की जानकारी हासिल करने से पहले निषेधाज्ञा के लिए मुकदमा, वर्तमान मुकदमा दायर करने की सूचना प्रतिवादी नंबर 1 (एमएस धोनी) को देना उचित समझा जाता है। रजिस्ट्री को प्रतिवादी नंबर 1 को एक ईमेल जारी करने दें।” यह मुकदमा अरका स्पोर्ट्स कंपनी के बीच हुए समझौते से उत्पन्न हुआ है।


