LPG सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, बनारस में 231 सिलेंडर जब्त

उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न शहरों में एलपीजी गैस के लिए मारामारी मची हुई है। लोगों की कतारें दिखाई दे रही हैं। इस बीच वाराणसी पुलिस ने एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी से जुड़े मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। रविवार को चौकाघाट स्थित एक बंद पेट्रोल पंप की बिल्डिंग में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित कामर्शियल गैस सिलेंडरों को जप्त किया गया। इस कार्रवाई से गैस माफियाओं और कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर कैंट पुलिस की छापेमारी
कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्र को सूचना मिली थी कि चौकाघाट स्थित ‘सभरवाल ब्रदर्स’ के बंद पड़े पेट्रोल पंप की बिल्डिंग का इस्तेमाल गैस सिलेंडरों के अवैध डंपिंग यार्ड के रूप में किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए कैंट एसीपी अपूर्व पांडेय, प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा और नदेसर चौकी प्रभारी सुमित पांडेय ने पुलिस बल के साथ मौके पर धावा बोल दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस की आंखें फटी रह गई जब वहां कुल 231 कमर्शियल सिलेंडर पाए गए। इनमें से 180 सिलेंडर पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि 51 खाली थे। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट रूप से अवैध भंडारण और सप्लाई के सिंडिकेट का मामला लग रहा है।
कार्रवाई देख मौके से फरार हुए आरोपी
दिलचस्प बात यह है कि छापेमारी के दौरान वहां गैस एजेंसी से जुड़े कुछ लोग मौजूद थे। उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए तर्क दिया कि वाहन खराब होने के कारण सिलेंडर अस्थायी रूप से यहां उतारे गए थे। हालांकि, जब पुलिस ने जिला पूर्ति विभाग की टीम को मौके पर बुलाने की प्रक्रिया शुरू की तो सभी संबंधित लोग पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इससे दाल में कुछ काला होने का संदेह पुख्ता हो गया।
मिर्जापुर से जुड़े हैं तार, कालाबाजारी की आशंका
जांच में यह बात सामने आई है कि बरामद किए गए सिलेंडर मिर्जापुर के अदलहाट स्थित एक गैस एजेंसी के हैं। आशंका जताई जा रही है कि वाराणसी में गैस की कमी का फायदा उठाने के लिए इन्हें यहां अवैध रूप से स्टॉक किया गया था ताकि ऊंचे दामों पर होटलों और कामर्शियल प्रतिष्ठानों को सप्लाई की जा सके। जिला आपूर्ति अधिकारी को मौके पर बुलाकर सिलेंडरों की तस्दीक कराई जा रही है।
मिर्जापुर के पूर्ति निरीक्षक प्रदीप शुक्ला को भी सत्यापन के लिए बुलाया गया है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी खेप बिना किसी वैध परमिट के जिले की सीमा पार कर वाराणसी कैसे पहुँची।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
कैंट पुलिस का कहना है कि एलपीजी की किल्लत के समय इस तरह का भंडारण करना गंभीर अपराध है। सभरवाल ब्रदर्स के बंद पंप के मालिकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




