राष्ट्रीय

राहुल खुद अमेठी से तैयार नहीं, प्रियंका पर भी लगाई रोक; क्या है रणनीति

राहुल गांधी ने अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के इनकार के चलते ही अब तक उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। फिलहाल मल्लिकार्जुन खरगे उन्हें राजी करने में जुटे हैं। वह यदि राजी हुए तो उनके नाम का ऐलान गुरुवार तक हो सकता है। यदि नहीं हुए तो फिर गांधी परिवार के बाहर के किसी नेता का नाम भी आ सकता है। इसकी वजह यह है कि राहुल गांधी यह भी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी या परिवार का कोई और सदस्य भी अमेठी या फिर रायबरेली सीट से चुनाव लड़े।

इस तरह ऐसा पहली बार हो सकता है कि रायबरेली और अमेठी दोनों ही सीटों से गांधी परिवार का कोई सदस्य चुनाव में नहीं उतरेगा। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी का कहना है कि वह खुद अमेठी से फिर उतरे और रायबरेली से प्रियंका गांधी उतरीं तो भाजपा को परिवारवाद के नाम पर हमला करने का मौका मिल जाएगा। अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए तो रॉबर्ट वाड्रा तक तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी नहीं चाहते कि फैमिली से कोई भी मैदान में आए। पीएम नरेंद्र मोदी अकसर कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाते रहे हैं। अब यदि फिर से अमेठी और रायबरेली से फैमिली के ही लोग लड़े तो उन्हें एक नया हथियार मिल सकता है।

दरअसल चर्चा थी कि अमेठी से राहुल और रायबरेली से प्रियंका गांधी लड़ सकती हैं। कांग्रेस में एक प्रस्ताव यह भी दिया कि यदि प्रियंका को चुनावी समर से बाहर ही रखना है और अमेठी से मन नहीं है तो राहुल गांधी खुद रायबरेली से चुनाव लड़ें। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी इस पर सहमत दिख रहे थे, लेकिन उन्होंने इससे इनकार ही कर दिया। अब कांग्रेस के आगे धर्मसंकट की स्थिति है। एक तरफ राहुल गांधी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं और दूसरी तरफ किसी और नेता को मौका मिला तो भाजपा डर कर भागने का आरोप लगाने लग जाएगी। ऐसी स्थिति में कांग्रेस पसोपेश में है। मल्लिकार्जुन खरगे लगातार राहुल गांधी को मनाने में जुटे हैं, लेकिन वह अब तक राजी नहीं हैं।

गौरतलब है कि अमेठी सीट पर तो भाजपा की कैंडिडेट स्मृति इरानी लंबे समय से कैंपेन कर रही हैं। रायबरेली से अब तक पार्टी ने कैंडिडेट का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि भाजपा भी इसी इंतजार में है कि पहले कांग्रेस अपना कैंडिडेट तय करे। माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से प्रियंका को उतारने पर अदिति सिंह को मौका मिल सकता है। यदि प्रियंका नहीं उतरीं तो फिर मनोज पांडेय, दिनेश सिंह के नाम चर्चा में हैं। चर्चा यहां तक थी कि वरुम गांधी को भी भाजपा ने रायबरेली सीट ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने लड़ने से इनकार कर दिया।

Related Articles

Back to top button