छत्तीसगढ़

पत्नी की जिंदा जलाकर हत्या करने वाले पति और परिवार को अदालत की कड़ी सजा

दुर्ग। अपने पिता व भाइयों के साथ मिलकर पत्नी के साथ मारपीट कर उसे आग लगाकर मार डालने वाले आरोपियों को कोर्ट ने सजा दी है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी की कोर्ट ने आरोपी इंद्रजीत दुबे, योगेश दुबे, गोपेंद्र कुमार दुबे उर्फ भूपेंद्र तथा फनेंद्र कुमार दुबे को धारा 302,34 के तहत आजीवन कारावास तथा दो 2-2 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक भावेश कटारे ने पैरवी की थी।

मठपारा जामुल निवासी इंद्रजीत दुबे के साथ रंजीता दुबे का लगभग 9 वर्ष पूर्व विवाह हुआ था, जिसके दो बच्चे थे। 31 अगस्त 2021 की रात को जली हुई हालत में उसका पति जिला अस्पताल लाकर भर्ती किया था। उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे रात में ही मेकाहारा अस्पताल रायपुर ले जाकर भर्ती किया गया था।

मृत्यु पूर्व दिया था बयान

2 सितंबर 2021 को जब रंजीता दुबे को होश आया तो उसने पुलिस को बताया था कि उसका पति इंद्रजीत दुबे हमेशा उसके साथ शराब पीने के लिए रुपए पैसों की मांग कर मारपीट करता रहता था। 31 अगस्त को भी उसका पति इंद्रजीत दुबे शराब पीकर घर आया उसके साथ मारपीट किया। दोनों की आवाज सुनकर उसका ससुर योगेश दुबे, जेठ भूपेंद्र दुबे, देवर फनेंद्र दुबे भी उसके रूम में पहुंचे। उनके सामने ही इंद्रजीत द्वारा उसकी जमकर पिटाई की गई। इसके बाद वह जमीन पर गिर गई। इसी दौरान उसका पति इंद्रजीत दुबे मिट्टी का तेल उस पर डाला और उसे आग के हवाले कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से जल गई थी। पूरे घटनाक्रम के दौरान रंजीता दुबे के ससुर, जेठ एवं देवर वहां उपस्थित रहे, परंतु किसी ने भी उसे बचाने का प्रयास नहीं किया था। रंजीता दुबे की 8 सितंबर की रात को मौत हो गई थी।

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