छत्तीसगढ़

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश, आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार पर जोर

कुपोषण और बाल संरक्षण पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

रायपुर।  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास योजना), मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण सेवा) और मिशन शक्ति योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, कुपोषित बच्चों की स्थिति और बाल संरक्षण के उपायों पर गहन चर्चा की।

रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने चावल और अन्य खाद्यान्न की गुणवत्ता की भी जांच करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को पोषणयुक्त भोजन मिल सके। इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी सुपरवाइजरों को गंभीर कुपोषित बच्चों की प्रोफाइलिंग करने के निर्देश दिए।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि यदि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र में मरम्मत, बाउंड्री वॉल निर्माण, रेनवाटर हार्वेस्टिंग या सोखता गड्ढे की आवश्यकता हो, तो इसके लिए जल्द से जल्द स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर महीने बिजली विभाग से बिल लेकर तत्काल भुगतान किया जाए, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू बनी रहे।

बाल सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और सुपरवाइजरों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई और निर्देश दिया कि समुदाय स्तर पर भी इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत कुमार विश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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