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प्रवर्तिनी निपुणा श्रीजी उपाश्रय का साध्वी हंसकीर्ति श्रीजी ने मंत्रोच्चार के साथ किया लोकार्पण

उमा वाणी न्यूज रायपुर

प्रवर्तिनी निपुणा श्रीजी उपाश्रय का साध्वी हंसकीर्ति श्रीजी ने मंत्रोच्चार के साथ किया लोकार्पण

रायपुर। सदर बाजार स्थित ऋषभदेव मंदिर प्रांगण में रविवार को प. पू अध्यात्मयोगी उपाध्याय भगवन्त श्री महेन्द्रसागर जी म.सा. आदि ठाणा एवं भगवंत श्री मनीष सागर जी के पावन निश्रा में प्रवर्तिनी निपुणा श्रीजी उपाश्रय का मंगलमय लोकार्पण हुआ। उपाश्रय में सुबह 7.30 बजे श्री पार्श्व वल्लभ स्नात्र महिला एवं बहू मंडल, राजनांदगांव द्वारा स्नात्र महोत्सव का आायेजन हुआ। धर्म सभा के बाद साध्वी हंसकीर्ति श्रीजी ने मंत्रोच्चार के साथ प्रवर्तिनी निपुणा उपाश्रय का लोकार्पण किया।

साध्वी श्री हंसकीर्ति श्रीजी म सा का चातुर्मास दादाबाड़ी में होने जा रहा है। वे साध्वी श्री निपुणा श्रीजी की शिष्या है और यह उनकी दीक्षा का रजत वर्ष है। आज गुरूवर्या का स्मरण करते हुए मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने सदर बाजार स्थित उपाश्रय का लोकार्पण किया।

ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया ने साध्वी श्री निपुणा श्रीजी का स्मरण करते हुए उनके योगदान के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैवल्य धाम तीर्थ उन्हीं की प्रेरणा से बना। साथ ही छत्तीसगढ़ में 50 से ज्यादा उपाश्रय और जैन मंदिर की नींव भी उन्हीं के मार्गदर्शन में रखी गई।

कार्यकारी अध्यक्ष अभय भंसाली ने बताया कि साध्वी श्री निपुणा श्रीजी म सा का छत्तीसगढ़ में सामाजिक रूप से एक गहरा प्रभाव रहा। उन्होंने अपने जीवन के 25 वर्ष छत्तीसगढ़ में गुजारे।

ट्रस्टी नरेश बैदमुथा ने साध्वी श्री निपुणा श्रीजी म सा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके त्याग और समर्पण के बारे में श्रीसंघ को बताया।

इस दौरान राजेंद्र गोलछा, उज्ज्वल झाबक, ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष त्रिलोक चंद बरड़िया, प्रकाश सुराना, स्वरूपचंद श्रीश्रीमाल उपस्थित रहे।

उपाश्रय के ग्राउंड फ्लोर स्थित हॉल के लाभार्थी इंदरचंद बेगानी एवं सावित्री देवी बेगानी, रायपुर हैं। वहीं उपाश्रय के प्रथम तल के हॉल का निर्माण पूज्य प्रवर्तिनी निपुणा श्रीजी म.सा. की शिष्या पूज्य प्रवचन प्रभाविका मंजुला श्रीजी म.सा. एवं मृदुयशा श्रीजी म.सा. की पावन प्रेरणा से स्वर्गीय रिखब चंद जी, स्वर्गीय कांता बाई एवं स्वर्गीय दीपक कुमार जी की पुण्य स्मृति और आत्मकल्याण के लिए कराया गया है। इस पुण्य कार्य में मनीता, कैलाश कुमार, बबीता, मौलिक कुमार एवं कु. ऋषिका बेगानी (रायपुर/अभनपुर, छत्तीसगढ़) ने सहभागिता निभाई।

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