दादाबाड़ी में विशेष रविवारीय शिविर का हुआ आयोजन, 135 बच्चों ने लिया भाग

(उमा वाणी) रायपुर

आत्मोत्थान चातुर्मास 2025
शरीर के रोग का इलाज तो डॉक्टर कर देगा लेकिन आत्मा का इलाज स्वयं करना होगा: साध्वी हंसकीर्ति श्रीजी
दादाबाड़ी में विशेष रविवारीय शिविर का हुआ आयोजन, 135 बच्चों ने लिया भाग
*कल मनाएंगे गिरनारी नेमि जन्मकल्याणक महोत्सव, संगीतमय माहौल में होगी प्रभु की भक्ति*
रायपुर। दादाबाड़ी में आत्मोत्थान चातुर्मास 2025 के अंतर्गत चल रहे प्रवचन श्रृंखला में परम पूज्य श्री हंसकीर्ति श्रीजी म.सा. ने धर्मरत्न प्रकरण ग्रंथ का पठन कर रही हैं। इसी क्रम में रविवार को उन्होंने कहा कि जब हमारे शरीर में कोई रोग या शारीरिक तकलीफ उत्पन्न होती है, तो हम तुरंत डॉक्टर के पास जाकर उसका इलाज कराते हैं। हमें यह अच्छी तरह पता होता है कि बिना उपचार के बीमारी बढ़ जाएगी और जीवन के बाकी कार्य प्रभावित होंगे। लेकिन जब हमारी आत्मा या मन पर कोई आघात होता है—जैसे दुख, निराशा, क्रोध, ईर्ष्या या मोह—तो अक्सर हम उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। आत्मिक या मानसिक रोग का इलाज कोई बाहर वाला नहीं कर सकता। उसका उपचार हमें स्वयं ही करना पड़ता है, आत्मनिरीक्षण और आत्मशुद्धि के माध्यम से।
यह संसार दुखों से भरा है, और शरीर अनेक रोगों का घर है। लेकिन यदि हमारा शरीर स्वस्थ और निरोगी हो, तो हम जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की ओर बढ़ सकते हैं। व्यापार, नौकरी, परिवार—हर क्षेत्र में कार्य तभी सुचारु रूप से होते हैं जब शरीर साथ देता है। इसलिए शरीर की देखभाल करना केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे सम्पूर्ण जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।
स्वस्थ शरीर के साथ अगर मन अशांत हो, तो धीरे-धीरे वह अशांति शरीर को भी बीमार बना देती है। चिंता, तनाव और नकारात्मक सोच शरीर में अनेक रोगों को जन्म देती है। इसलिए मानसिक और आत्मिक प्रसन्नता अत्यंत आवश्यक है। प्रसन्न मन से किया गया कार्य फलदायी होता है और जीवन में संतुलन बना रहता है।
इसलिए जितना आवश्यक है शरीर की चिकित्सा, उतना ही जरूरी है आत्मा की भी चिकित्सा—और उसका सबसे प्रभावशाली उपाय है ईश्वर में विश्वास, प्रभु स्मरण और सकारात्मक चिंतन। मन को प्रभु की भक्ति में लगाइए, सत्संग कीजिए, अच्छे विचारों और कर्मों में जीवन को लगाइए। यही आत्मा को स्वस्थ रखने की सच्ची दवा है।
*रविवारीय शिविर में 135 बच्चों ने लिया भाग*
आज परम पूज्य हँसकीर्ति श्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में श्री जिनकुशल सूरी दादाबाड़ी में श्री आत्मोत्थान चातुर्मास के अंतर्गत बच्चों के लिए एक विशेष रविवारीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 135 बच्चों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया।
शिविर का संचालन विक्की गुरुजी द्वारा किया गया, जिन्होंने ज्ञानवर्धक गतिविधियों और मनोरंजक खेलों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा और संस्कार से जोड़ा। बच्चों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ सभी सत्रों में भाग लिया, जिससे शिविर का वातावरण अत्यंत जीवंत और प्रेरणादायक रहा।
गत शिविर में आयोजित खेल प्रतियोगिता के विजेताओं को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया, जिससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा। साथ ही, सभी भाग लेने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह एवं उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया।
यह आयोजन न केवल बच्चों के व्यक्तित्व विकास और नैतिक शिक्षा को बल देने वाला रहा, बल्कि उनके मन में धार्मिक संस्कारों और गुरु भक्ति के प्रति आस्था भी जागृत करने वाला सिद्ध हुआ।
*गिरनारी नेमि जन्मकल्याणक महोत्सव कल*
दादाबाड़ी में 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के जन्मकल्याणक के अवसर पर गिरनारी नेमि जन्मकल्याणक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस दिन सुबह 9 बजे भगवान का अष्टोतरी अभिषेक होगा, जिसमें नासिक के सुप्रसिद्ध संगीतकार हर्ष शाह अपनी प्रस्तुति देंगे और विधिकारक राकेश भाई पंडितजी, नासिक होंगे। वहीं, रात को 8.30 बजे गिरनार से भव पार का आयोजन किया जाएगा जिसमें नासिक के सुप्रसिद्ध संगीतकार हर्ष शाह अपनी प्रस्तुति देंगे और संचालक संकेत गांधी होंगे। नेमिनाथ जन्मकल्याणक के दिन एकसना की व्यवस्था होगी, जिसमें आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लें और ऑफिस में अपना नाम दर्ज कराएं।
श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, आत्मोत्थान चातुर्मास समिति 2025 के अध्यक्ष अमित मुणोत ने बताया कि दादाबाड़ी में सुबह 8.45 से 9.45 बजे साध्वीजी का प्रवचन होगा। आप सभी से निवेदन है कि जिनवाणी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।



