छत्तीसगढ़ षष्टम विधान सभा द्वितीय सत्र फरवरी मार्च 2024 के विधान सभा सत्र के दौरान प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों
दिनांक : 29 जुलाई 2025
स्थान : रायपुर छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ षष्टम विधान सभा द्वितीय सत्र फरवरी मार्च 2024 के विधान सभा सत्र के दौरान प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों

(Colleges) में सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professor’s) के 2169 पद रिक्त हैं। जिस कारण छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है. कई महाविद्यालय तो एकल प्राध्यापकीय भी है। ऐसे में उच्च शिक्षा के विभिन्न संकार्यों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य के साथ न्याय नहीं हो पा रहा है। साथ ही साथ हम सभी नेट/सेट/पीएचडी अभ्यर्थी जो पिछले 6 वर्षों से भर्ती के इंतजार में बेरोजगारी में जीवन यापन करने को मजबूर है। सहायक प्राध्यापक पद के इंतिजार में हजारों योग्य उम्मीदवार की उम्र निकलती जा रही है और हताशा भरी जीवन जीने के लिए विवश है। सहायक प्रध्यापक की भर्ती अतिशीघ्र किया जाये जिससे छत्तीसगढ़ के शिक्षा व्यवस्था और छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ न्याय होगा ।
किसी भी देश या राज्य का विकाश उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है यदि तात्कात्तिक आजपा सरकार छत्तीसगढ़ का विकाश चाहत्ती है तो सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय में जितने भी रिक्त पद है तत्काल भारती करना चाहिए.
अब तक सरकार द्वारा सिर्फ आश्वाशन दिया गया है भर्ती नहीं
पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल जी ने 2169 सहायक प्राध्यापक की भर्ती की बात लोकसभा चुनाव के पूर्व विधान सभा में की थी, मार्च 2024 में शिक्षा मंत्री के द्वारा विधान सभा में की गयी घोषणा को अभी तक पालन क्यों नहीं किया गया है
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी के द्वारा विधानसभा में बजट भाषण में सहायक प्राध्यापक की भर्ती की प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति की बात कही गई हैं लेकिन अभी तक भर्ती का नोटिफिकेशन क्यों जारी नहीं किया गया
CGPSC सहायक प्राध्यापक का पद अति आवश्यक है क्योंकि
1. पिछले 6 साल से सहायक प्राध्यापक की भर्ती नहीं हुई है और लाखों योग्य NET /SET/ Ph.D अभ्यर्थी इस पद का इंतजार कर रहे है
2. हजारो योग्य अभ्यर्थी की उम्र सीमा पार हो रही है और यदि अभी सहायक प्राध्यापक की भर्ती नहीं होगी तो वो कभी
भी सहायक प्राध्यापक नहीं बन पाएंगे
3. छत्तीसगढ़ के महाविद्यालय में 3000 से अधिक पद रिक्त है, जिसके कारण NAAC और NIRF की रैंकिंग में यहां के महाविद्यालय की रैंकिंग कम आती है, छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए स्थाई सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति बहुत आवश्यक है
4. गेस्ट फैकल्टी के भरोसे स्थायी शैक्षणिक वातावरण नहीं बनाया जा सकता।
5. अध्यापन, मूल्यांकन और शोध कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
6. गेस्ट फैकल्टी को अस्थायी और अल्प वेतन में काम लेना शोषण के बराबर है।
7. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा फैकल्टी की कमी
8 छत्तीसगढ़ राज्य के 300 से अधिक शासकीय महाविद्यालयों में 70% से अधिक पद रिक्त हैं यह आंकड़ा NEP 2020 के क्रियान्वयन के लिए सबसे बड़ी बाधा है।
9. छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा घट रही है, क्योंकि योग्य फैकल्टी की भारी कमी है।
10. अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तरप्रदेश में नियमित रूप से सहायक प्राध्यापक की भर्ती हो रही है, परंतु छत्तीसगढ़ में 6 वर्षों से ठहराव है यह युवाओं के साथ अन्याय है।
विगत वर्षों में बार-बार भर्ती की घोषणाएं की गई परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई यह सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
हमारी प्रमुख मांगे
1. छग में सहायक प्राध्यापक की अर्ती का तत्काल किया जाये (2025 में)
2. सहायक प्राध्यापक भर्ती नियमित अन्तराल में होना चाहिए, इसके लिए कैलेंडर बनाने की आवश्यकता है
3. 6 साल बाद सहायक प्राध्यापक भर्ती होने से जिनकी अभ्यर्थी आयु सीमा पार हो चूकी है उनके लिए 6 साल का अतिरिक्त आयु सीमा में छुट दिया जाना चाहिए। सिर्फ एक बार छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए समस्त छुट को मिलकर अधिकतम आयु 50 वर्ष किया जाये
4. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने लेने लिए उचित कदम उठाया जाना चाहिए
5. सहायक प्राध्यापक की भर्ती में छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभ्यर्थी को प्राथमिकता दिया जाये
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भवदीय
छत्तीसगढ़ नेट/सेट/पी.एच.डी अभ्यर्थी



