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चंदौली में करोड़ों की सोना तस्करी का खुलासा! कार के गुप्त केबिन से 3.92 करोड़ का सोना बरामद, दो गिरफ्तार

चंदौली/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस ने सोना तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस, एओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में बिहार से दिल्ली जा रही एक लक्जरी कार से 2 किलो 565.720 ग्राम सोना बरामद किया गया। बरामद सोने की बाजार कीमत करीब 3.92 करोड़ रुपये बताई गई है।

पुलिस ने कार सवार दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोने को कार के गियर बॉक्स के नीचे बनाए गए एक विशेष गुप्त केबिन में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने सोना जब्त करने के साथ कार और पांच मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं।

मुखबिर की सूचना पर हाईवे पर घेराबंदी

पुलिस के मुताबिक, स्वाट टीम और चंदौली पुलिस को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की एक लक्जरी कार के जरिए अवैध रूप से सोना बिहार से दिल्ली ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने नवही नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी।

इसी दौरान बताए गए हुलिए की कार हाईवे पर आती दिखाई दी। पुलिस ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को देखते ही चालक ने कार को तेज रफ्तार से भगाने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अन्य वाहनों की मदद से कार को घेर लिया और उसे रोकने में सफल रही। इसके बाद कार में सवार दोनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

महाराष्ट्र और हरियाणा के रहने वाले हैं आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुबेर मुबारक शेख, निवासी सांगली, महाराष्ट्र और मनीष कुमार, निवासी फतेहाबाद, हरियाणा के रूप में हुई है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कार में सोना छिपाने के लिए गियर बॉक्स के नीचे विशेष तरीके से एक गुप्त केबिन तैयार किया गया था।

गुप्त केबिन से ऐसे निकला करोड़ों का सोना

  • कार की तलाशी के दौरान गियर बॉक्स के नीचे बने गुप्त केबिन का पता चला।
  • केबिन को खोलने पर भूरे रंग के टेप से लिपटे दो पैकेट मिले।
  • पैकेट खोलने पर सोने की दो सिल्लियां बरामद हुईं।
  • सरकारी वैल्यूअर की मौजूदगी में सोने का वजन और जांच कराई गई।
  • कुल वजन 2,565.720 ग्राम पाया गया।
  • बरामद सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब 3.92 करोड़ रुपये बताई गई है।

सोने के नहीं मिले वैध दस्तावेज

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास बरामद सोने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। जांच के दौरान सोना प्रारंभिक तौर पर विदेश निर्मित बताया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसकी सूचना आयकर विभाग और राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) को दी। आवश्यक कार्रवाई और कागजी प्रक्रिया के लिए बरामद सोना संबंधित एजेंसी को सौंपा गया है।

बिहार से दिल्ली तक कैसे पहुंच रही थी खेप?

इस मामले में अब पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल सोने की खेप के स्रोत और इसके अंतिम खरीदार को लेकर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों रुपये का सोना आरोपियों को किसने दिया था और इसे दिल्ली में किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था।

पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जाएगी।

जांच एजेंसियां इन सवालों के जवाब तलाश रही हैं

  • सोना आरोपियों को कहां से मिला?
  • बिहार में इसकी सप्लाई किसने की?
  • दिल्ली में सोना किसे पहुंचाया जाना था?
  • कार में गुप्त केबिन किसने तैयार कराया?
  • क्या आरोपी पहले भी सोने की तस्करी कर चुके हैं?
  • इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं?
  • तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह या मास्टरमाइंड कौन है?

पांच मोबाइल फोन भी जब्त

सोने के अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लक्जरी कार और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच के जरिए तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बरामद सोने को आगे की जांच और आवश्यक प्रक्रिया के लिए राजस्व आसूचना निदेशालय को सौंप दिया गया है।

फिलहाल चंदौली में हुई इस कार्रवाई ने करोड़ों रुपये की सोना तस्करी के एक संभावित नेटवर्क की ओर इशारा किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि 3.92 करोड़ रुपये की सोने की खेप आखिर कहां से आई और दिल्ली में इसे किस तक पहुंचाया जाना था।

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