भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र, अर्थशास्त्र अध्ययन शाला एवं योग एवं दर्शन

भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र, अर्थशास्त्र अध्ययन शाला एवं योग एवं दर्शन

अध्ययनशाला के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 16 अक्टूबर 2025, को भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर आर एन त्रिपाठी प्राध्यापक समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी थे। जिन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का भारत के विकास में योगदान विषय पर प्रकाश डाला ।भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध परंपरा यह बताती है कि आज भी विदेश द्वारा शासन करने वाले आक्रमणकरियों के बावजूद भारत की परंपरा जीवित है। जिसके मूल में वसुदेव कुटुंबकम की भावना है, जिसने भारत को अभी तक समृद्ध एवं जीवित बनाए रखा है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, प्रोफेसर रविंद्र के ब्रम्हे संचालक भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र, प्रोफेसर ए के श्रीवास्तव कुलानुशासक, प्रोफेसर जे एल गहरे अध्यक्ष योग एवं दर्शन अध्ययनशाला, प्रोफेसर बी एल सोनकर अध्यक्ष अर्थशास्त्र अध्ययन शाला, प्रोफेसर धर्मेंद्र गंगेश्वर, डॉ हेमलता बोरकर, डॉ अर्चना सेठी, डॉ सुनील कुमेटी के साथ साथ अर्थशास्त्र अध्ययनशाला एवं दर्शन अध्ययनशाला के लगभग 150 छात्र -छात्राएं कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।



