डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा
रायपुर उमा वाणी
डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा
के मार्गदर्शन एवं बृजेशनाथ पाण्डेय अध्यक्ष महाविद्यालय जन-भागीदारी समिति के सहयोग से अर्थशास्त्र एवं भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वं. डॉ विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा विख्यात अर्थशास्त्री की स्मृति में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला आयोजित किया गया।संगोष्ठी के प्रथम दिवस में विषय विशेषज्ञ डॉ शैलेश कुमार चौबे,रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर मध्य प्रदेश,डॉ उपेंद्र कुमार,बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी,डॉ रविन्द्र ब्राम्हे एवं डॉ बी एल सोनेकर अर्थशास्त्र अध्ययनशाला पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, डॉ राजकुमार नागवंशी,डॉ प्रदीप शुक्ला प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय अभनपुर, डॉ कविता शर्मा एवं डॉ भूमिराज पटेल शासकीय महाविद्यालय देवेंद्र नगर,डॉ प्रीता लाल शासकीय महाविद्यालय अमलीडीह रायपुर ने छत्तीसगढ़ में वनसंपदा तथा पर्यटन पर सारगर्भित शोध पत्र तथा लेख प्रस्तुत किया।द्वितीय दिवस कार्यशाला का आयोजन बारनवापारा अभ्यारण्य में आयोजित किया गया।जहां कृष्णा चंद्राकर एसडीओ ने बारनवापारा अभ्यारण्य के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इसका क्षेत्रफल 245 वर्ग किमी है और इसमें तेंदुए, बाघ,गौर,भालू और कई अन्य वन्यजीवों के साथ-साथ 150 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं।1972 में वन्यजीव अधिनियम के तहत घोषित किया गया।अभयारण्य उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों से भरा है,जिसमें मुख्य रूप से सागौन,साल और बांस जैसे पेड़ पाए जाते हैं।जोंक नदी इस अभयारण्य से होकर बहती है। पर्यटकों की सुविधा के लिए इको रिसॉर्ट्स और इको कॉटेज उपलब्ध हैं।सभी प्रतिभागियों को जंगल सफारी कराया गया। कार्यशाला के सफल संचालन आयोजक सचिव डॉ श्रद्धा मिश्रा ने किया।तथा सफल आयोजन में संयोजक डॉ विनोद कुमार जोशी विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग एवं आयोजन सचिव डॉ नम्रता शर्मा,विभागाध्यक्ष भूगोल तथा डॉ भूपेंद्र कुमार साहू,डॉ दीपा गोस्वामी सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष,वरिष्ठ प्राध्यापक,सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, क्रीड़ाधिकारी,ग्रंथपाल, कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।