प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख अतिरिक्त निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत
प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख अतिरिक्त निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत

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भारत सरकार ने प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख अतिरिक्त निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत किए हैं। इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती रसोई इंधन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और सशक्त होती है।
कौन कर सकता है आवेदन ?
गरीब परिवारों की महिलाएँ, जिनके परिवार में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन न हो।
आवेदक की पात्रता, वंचना / घोषणा पत्र के आधार पर तय की जाएगी और जिला उज्ज्वला समिति (DUC) द्वारा सत्यापित की जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज
KYC फॉर्म (फोटो सहित) (आवेदन समस्त एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटरशिप पर उपलब्ध है)
निवास प्रमाण / PoA’ (यदि आधार का निवास स्थान वर्तमान पते से अलग हो)
परिवार संरचना दस्तावेज (राशन कार्ड/ राज्य शासन द्वारा जारी प्रमाण पत्र/ दस्तावेज)
आवेदक तथा परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का आधार
बैंक खाता का विवरण
बंधना घोषणा पत्र
*प्रवासी परिवारों के लिए POA और परिवार संरचना दस्तावेज हेतु स्व-घोषणा पत्र स्वीकार किया जाएगा।
कैसे करें आवेदन
नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जाकर
ऑनलाइन: pmuy.gov.in
नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से
लाभार्थियों को मिलने वाले नाभ
नए PMUY कनेक्शन के साथ लाभार्थियों को निःशुल्क पैक प्राप्त होगा, जिसमें शामिल हैं:
प्रतिभूति राशि (डिपॉजिट) रहित सिलैंडर
प्रेशर रेगुलेटर
सुरक्षा होज
DGCC (डोमेस्टिक गैस उपभोक्ता कार्ड)
प्रशासनिक शुल्क माफ
इसके साथ ही निःशुल्क गैस चूल्हा और पहला रिफिल भी OMC द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना की पृष्ठभूमि और प्रभाव
प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना मई 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बगैर जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अब तक 10.33 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिससे देशभर में स्वच्छ ईधन तक पहुंच में व्यापक सुधार हुआ है।
लाभार्थियों में एलपीजी का उपयोग निरंतर बढ़ रहा है-FY 2019-20 में 3.01 रिफिल/वर्ष से बढ़कर FY 2024-25 में 4,47 रिफिल/वर्ष हो गयी है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार, घरों में धुएँ से होने वाले प्रदूषण में कमी और घरेलू श्रम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।