प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज धमाके से 20 मजदूर दबे, सपा के पूर्व विधायक का था स्टोर – हादसे की जिम्मेदारी कौन?

प्रयागराज। प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में सोमवार को हुए हादसे की खबर से हर किसी दिल दहल उठा। घटना कोल्ड स्टोरेज की है। इसके अंदर कईमजदूर काम कर रहे थे। रोज की तरह लंच का समय हुआ तो सभी खाना खाने के लिए जाने लगे। इसी दौरान कोल्ड स्टोरेज के अंदर का जर्जर छज्जा गिर गया। जिससे अमोनिया गैस का पाइप फट गया। पाइप फटते ही तेज धमाका हुआ और कोल्ड स्टोरेज की दीवार गिर गई। जिसके नीचे 20 मजदूर दब गए।
हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने रेस्क्यू शुरू करवाया। अब तक नौ लोगों के शवों को मलबे से निकाला जा चुका है। कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की खबर से अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों के परिवार वालों में कोहराम मच गया। फिलहाल हादसे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पीड़ित परिवार पुलिस-प्रशासन से हादसे की जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हादसे का जिम्मेदार कौन है? पुलिस इसकी जांच-पड़ताल करके कार्रवाई करेगी।
सपा के पूर्व विधायक का था कोल्ड स्टोरेज
फाफामऊ क्षेत्र के चांदपुर गांव मौजूद जिस कोल्ड स्टोरेज में हादसा हुआ है, वह सपा के पूर्व विधायक का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज बेहद ही जर्जर हालत में था, जिसका काम कराया जा रहा था। लंच के समय अचानक से कोल्ड स्टोरेज का जर्जर छज्जा अमोनिया गैस की पाइप लाइन पर गिर गया, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते एक जोरदार धमाका हो गया। उसी धमाके के साथ कोल्ड स्टोरेज की दीवार भी गिर गई। दीवार के पास ही करीब 20 मजदूर मौजूद थे जो उसके मलबे के नीचे दब गए। हादसा इतना भयानक था कि देखने वालों के रौंगहटे खड़े हो जाएंगे। कोल्ड स्टोरेज का आधे से ज्यादा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। धमाका इतनी तेज था कि आवाज से आसपास के लोग भी दहल गए थे। पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, तुरंत रेस्क्यू शुरू करवाया गया। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी को बुलाया।
ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर निकाला गुस्सा, पथराव
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। प्रशासन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को बुलाया, लेकिन एबुलेंस ग्रामीणों के गुस्से का शिकार हो गई। ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर जमकर पथराव किए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें। ग्रामीणों की पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हुआ। इधर मजदूरों के मलबे में दबे होने की खबर मिलते ही उनके घर वाले घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। अभी तक नौ मजदूरों के शवों को निकाला जा चुका है। फिलहाल अभी रेस्क्यू अभियान जारी है।




