मायावती की पार्टी पर चौंकाने वाला खुलासा: 19 साल से 20 हजार से ज्यादा चंदा नहीं मिला!

लखनऊ, राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाली चंदे में 2024-25 में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिसमें सबसे अधिक हिस्सा भाजपा का है। बीजेपी को इस अवधि में अन्य सभी राष्ट्रीय दलों द्वारा प्राप्त कुल चंदे से दस गुना से भी अधिक चंदा मिला। हालांकि इस बीच मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 20 हजार से अधिक का चंदा नहीं मिला है। चौंकाने वाली बात ये है कि पिछले 19 साल से उनकी पार्टी को 20 हजार से अधिक की फंडिंग नहीं मिली है। ये खुलासा एडीआर (Association for Democratic Reforms) की रिपोर्ट से हुआ है।
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय दलों द्वारा घोषित 20 हजार रुपये से अधिक के कुल दान 11343 दानदाताओं से मिले जो 6648.56 करोड़ रुपये रहे। इनमें से भाजपा को 5522 चंदे से 6074.01 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 2501 चंदे से 517.39 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा द्वारा घोषित चंदा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के उसी अवधि के संयुक्त चंदे से दस गुना से अधिक था। वहीं, बसपा ka पिछले 19 सालों से 20 हजार से अधिक का दान नहीं मिला है। जबकि 2024-25 में वो भी नहीं मिला दान मिला।
भाजपा के चंदे में 171 प्रतिशत की वृद्धि
एडीआर रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय दलों को मिलने वाले कुल चंदे में 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 4104.28 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। अकेले भाजपा के चंदे में पिछले वित्त वर्ष के 2243.94 करोड़ रुपये से 171 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके मुताबिक, कांग्रेस को मिलने वाले चंदे में 84 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2023-24 के 281.48 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 517.39 करोड़ रुपये हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य दलों में, आप को 27.04 करोड़ रुपये मिले, जो 244 प्रतिशत की वृद्धि है जबकि एनपीईपी को 1.94 करोड़ रुपये मिले, जो 1,313 प्रतिशत की वृद्धि है।




