काशी विश्वनाथ दर्शन में अब नहीं होगा पैदल चलना, गोल्फ कार्ट सेवा से श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत!

वाराणसी, काशी विश्वनाथ धाम आने वाले देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ी सौगात तैयार की है। अब भक्तों को बेनियाबाग से बाबा के दरबार तक पहुंचने के लिए पैदल चलने या महंगे रिक्शों का सहारा लेने की जरूरत नहीं होगी। अगले महीने से बेनियाबाग पार्किंग से सीधे विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 तक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू होने जा रही है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शुरू हो रही इस पहल से श्रद्धालुओं का सफर न केवल आसान होगा, बल्कि जेब पर बोझ भी कम पड़ेगा।
मात्र 10 रुपये में बाबा के द्वार तक का सफर
नगर निगम और स्मार्ट सिटी की इस योजना के पहले चरण में 20 गोल्फ कार्ट उतारे जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को बेनियाबाग पार्किंग से धाम के मुख्य द्वार तक ले जाने के लिए महज 10 रुपये का मामूली शुल्क तय किया गया है। वर्तमान में तीन गोल्फ कार्ट वाराणसी पहुंच चुके हैं, जबकि शेष 17 कार्ट अगले महीने के पहले सप्ताह तक बेड़े में शामिल हो जाएंगे। नगर निगम ने इसके सुचारू संचालन के लिए एक निजी एजेंसी के साथ अनुबंध किया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक इन कार्ट्स की संख्या बढ़ाकर 50 से अधिक कर दी जाए।
डिजिटल बुकिंग और ‘काशी दर्शन’ ऐप की सुविधा
आधुनिकता को बढ़ावा देते हुए इस सेवा को ‘काशी दर्शन’ ऐप से भी जोड़ा गया है। श्रद्धालु घर बैठे या रास्ते में ही गोल्फ कार्ट की बुकिंग कर सकेंगे। यदि कोई भक्त एडवांस बुकिंग कराना चाहता है, तो उसे थोड़ा अतिरिक्त शुल्क देना होगा, लेकिन इसके बदले उसे बेनियाबाग पहुंचते ही बिना कतार में लगे तुरंत गोल्फ कार्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगी जो समय की कमी के कारण जल्द दर्शन करना चाहते हैं।
रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगेगा लगाम
वाराणसी आने वाले अनजान श्रद्धालुओं से अक्सर रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। छोटी सी दूरी के लिए भी सामान्य दिनों में 100 रुपये और सावन या महाशिवरात्रि जैसे विशेष पर्वों पर 150 से 200 रुपये तक वसूले जाते हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को मजबूरी में यह किराया देना पड़ता है। सरकारी गोल्फ कार्ट सेवा शुरू होने से न केवल पारदर्शी किराया प्रणाली लागू होगी, बल्कि निजी वाहन चालकों की लूट-खसोट पर भी पूरी तरह विराम लग जाएगा।
यह नई व्यवस्था काशी विश्वनाथ का दर्शन करने आने वालों के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु बेनिया बाग पार्किंग में अपनी गाड़ियों को खड़ी कर करीब दो किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करते थे। अब गोल्फ कार्ट के आने से उन्हें राहत मिल जाएगी। बेनिया से मंदिर तक आसानी से बिना पैदल चले पहुंच जाएंगे।




