बिजनौर में आतंकी गतिविधियों का खुलासा, 2 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने की योजना

मेरठ/बिजनौर, आतंकी गतिविधियों से जुड़े बिजनौर के दो युवकों उबैद मलिक और जलाल हैदर उर्फ समीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों संदिग्ध आतंकी बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, विदेश में बैठे मेरठ के आकिब समेत बिजनौर के मैजुल और आजाद का लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि संदिग्ध आरोपी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती करने और संगठित नेटवर्क बनाने का काम कर रहे थे। घटनाक्रम में गुजरात कनेक्शन भी सामने आया है।
नेपाल भागने की फिराक में था उबैद
उबैद मलिक को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उबैद नेपाल भागकर वहां से बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की फिराक में था। जांच में सामने आया है कि सऊदी में बैठे आजाद ने पुलिस से बचने के लिए उबैद को नेपाल भागने की सलाह दी थी और वहां पर ठिकाना बनाकर भारत में स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने की योजना थी। इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में गुप्त रूप से गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश थी।
जलाल हैदर से मिला था उबैद
एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि उबैद तीन साल पहले काम के सिलसिले में गुजरात गया था। यहीं पर जलाल हैदर से परिचय हुआ। जलाल हैदर ने ही वीडियो कॉल के माध्यम से दुबई में बैठे आकिब व मैजुल से उबैद की बात कराई थी। आकिब समेत बाकी आरोपी कट्टरपंथी और हिंसात्मक गतिविधियों का प्रचार कर रहे थे। साथ ही देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती की जा रही थी और संगठित नेटवर्क बनाया जा रहा था। युवाओं का माइंड वॉश कर देश में आतंकी गतिविधि अंजाम देने, सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। खुलासा हुआ कि दुबई में बैठे यूपी पुलिस के वांटेड आजाद ने उबैद मलिक को नेपाल भागने की सलाह दी थी।
युवाओं को दिया जा रहा मोटे पैसे का लालच
जांच में सामने आया है उबैद और उसके साथी जल्दी पैसे कमाने के लालच में इस नेटवर्क से जुड़े थे। धीरे-धीरे वे कट्टरपंथी विचारधारा और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होते गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है जल्द पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
विदेशी आकाओं के इशारे पर चल रहा था खेल
सूत्रों के मुताबिक, पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारों पर संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संपर्क बनाए रखते हुए यह गिरोह अपने नेटवर्क को विस्तार देने में लगा था।
विदेश में बैठे आरोपियों पर कसा जा रहा शिकंजा
पुलिस पहले ही मेरठ निवासी आकिब और नांगल थाना क्षेत्र के सौफतपुर निवासी मैजुल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है। अब सऊदी में रह रहे आजाद की भी तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार जल्द पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
गुजरात में जलाल ने कराया था आकिब से संपर्क
जांच में सामने आया कि जलाल हैदर ने उबैद का संपर्क आकिब से कराया था। दोनों की मुलाकात गुजरात में काम के दौरान हुई थी, जहां से यह नेटवर्क फैलता गया। सोशल मीडिया के जरिए यह संपर्क और मजबूत हुआ।
परतें खुलने से एजेंसियां सतर्क
उबैद और उसके साथियों से पूछताछ के दौरान जैसे-जैसे जानकारियां सामने आ रही हैं, वैसे-वैसे सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं।
वायरल वीडियो से खुली परतें
पुलिस के अनुसार 23 नवंबर 2025 को वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। इस वीडियो में मेरठ निवासी आकिब के साथ आजाद और उबैद मलिक भी दिखाई दे रहे थे। वीडियो में आकिब कथित रूप से एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाता नजर आ रहा था। हालांकि बाद में उसने इन्हें खिलौना बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
लोगों को भड़काने के लिए वीडियो वायरल करता था आजाद
फेसबुक इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई अधिकांश वीडियो में आजाद लोगों को भड़काने का काम करता है। इसकी अनेक वीडियो में कई संदिग्ध लोग सामने आए हैं। इनकी भी पुलिस जांच करने में जुटी है।
हथियारों का प्रदर्शन करता था
पूछताछ में यह भी सामने आया कि इंस्टाग्राम लाइव के दौरान आकिब कथित रूप से ए.के.-47 और ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाकर युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास करता था। साथ ही भारत में नेटवर्क तैयार कर युवकों की भर्ती करने, उन्हें अलग-अलग टीमों में बांटने और भविष्य में बड़े स्तर पर आपराधिक व देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।




