CM युवा उद्यमी योजना में रिश्वत लेते बैंक अधिकारी गिरफ्तार, CBI ने 35 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ पकड़ा

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सुल्तानपुर जिले में CBI कार्रवाई करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के दो अधिकारियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों अधिकारी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी रोजगार योजना के तहत स्वीकृत लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे।
सीबीआई ने क्रेडिट ऑफिसर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। वहीं, जांच में बैंक मैनेजर की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है।
5 लाख रुपये के लोन के लिए मांगी गई रिश्वत
मामला सुल्तानपुर जिले की बैंक ऑफ बड़ौदा की कोइरीपुर शाखा से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने सीबीआई को बताया कि उसे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी रोजगार योजना के तहत 5 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ था।
शिकायत के अनुसार:
- टर्म लोन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
- ओवरड्राफ्ट (OD) सुविधा मिलना बाकी था।
- OD सुविधा जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
- अधिकारियों ने कथित तौर पर 45 हजार रुपये मांगे थे।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और कार्रवाई की योजना बनाई।
सीबीआई ने बिछाया जाल, 35 हजार लेते पकड़ा
सीबीआई ने 13 जुलाई को इस मामले में केस दर्ज किया था। इसके बाद 14 जुलाई को टीम ने सुल्तानपुर पहुंचकर कार्रवाई की।
जांच एजेंसी ने रिश्वत लेते पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये लेते समय क्रेडिट ऑफिसर पुष्पक चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीआई के अनुसार, यह रिश्वत बैंक मैनेजर स्वर्णिम श्रीवास्तव की कथित मिलीभगत और उनके निर्देश पर ली जा रही थी। इसके बाद बैंक मैनेजर को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
बैंक शाखा में मचा हड़कंप
दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा की कोइरीपुर शाखा में हड़कंप मच गया। सीबीआई टीम ने अधिकारियों से कई घंटे तक पूछताछ की और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इससे पहले भी लोन से जुड़ी किसी प्रक्रिया में रिश्वत की मांग की गई थी या नहीं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत
हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की है। सुल्तानपुर की यह घटना भी सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी रोजगार योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना के तहत मिलने वाले लाभ के बदले रिश्वत मांगने के आरोप को गंभीर माना जा रहा है।
आगे की जांच जारी
सीबीआई अब गिरफ्तार दोनों बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं। फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों को सख्त संदेश गया है।




