
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 5 अगस्त 2026 को राज्यसभा में लिखित जवाब में योजना की प्रगति की जानकारी दी।
गांवों की जमीन का तैयार हो रहा डिजिटल नक्शा
SVAMITVA योजना के अंतर्गत गांवों के आबादी क्षेत्रों की सटीक मैपिंग के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- ड्रोन आधारित सर्वे।
- कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (CORS) तकनीक।
- GIS आधारित डिजिटल मैपिंग।
इन तकनीकों की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन की सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित की जा रही हैं।
इससे संपत्ति की पहचान आसान हो रही है और जमीन को लेकर होने वाले विवादों में कमी आने की उम्मीद है।
प्रॉपर्टी कार्ड से ग्रामीणों को मिला आर्थिक लाभ
SVAMITVA योजना के तहत जारी किए जा रहे प्रॉपर्टी कार्ड केवल जमीन के अधिकार का प्रमाण नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों के लिए आर्थिक अवसर भी बढ़ा रहे हैं।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार—
- प्रॉपर्टी कार्ड के आधार पर अब तक 11,147 ऋण वितरित किए गए हैं।
- इन ऋणों की कुल राशि करीब 1,713 करोड़ रुपये है।
इससे ग्रामीण संपत्ति को आर्थिक संसाधन के रूप में उपयोग कर पा रहे हैं और बैंकिंग सुविधाओं तक उनकी पहुंच बेहतर हो रही है।
केंद्र, राज्य और सर्वे ऑफ इंडिया मिलकर कर रहे काम
SVAMITVA योजना को लागू करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय, सर्वे ऑफ इंडिया और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं।
ड्रोन सर्वे के जरिए—
- ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सटीक नक्शा तैयार किया जा रहा है।
- संपत्तियों की सीमाएं तय की जा रही हैं।
- मालिकाना अधिकारों का रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।
मंत्रालय राज्यों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर योजना की प्रगति की निगरानी भी कर रहा है।
‘ग्राम मानचित्र’ से मजबूत होगी पंचायतों की योजना
SVAMITVA योजना के तहत तैयार स्थानिक डेटा को राज्यों के साथ साझा किया जाता है। इस डेटा का उपयोग पंचायती राज मंत्रालय के GIS आधारित एप्लिकेशन ‘ग्राम मानचित्र’ के माध्यम से किया जा रहा है।
ग्राम मानचित्र में गांव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होती हैं—
- आबादी क्षेत्र।
- सड़कें।
- सार्वजनिक सुविधाएं।
- जल स्रोत।
- प्राकृतिक संसाधन।
- सामुदायिक संपत्तियां।
इससे ग्राम पंचायतें विकास योजनाएं अधिक सटीक तरीके से तैयार कर सकती हैं।
विकास कार्यों में आएगी पारदर्शिता
‘ग्राम मानचित्र’ एप्लिकेशन पंचायतों को विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाने में मदद करता है।
इसके फायदे—
- आधारभूत सुविधाओं की कमी पहचानना आसान।
- विकास कार्यों को प्राथमिकता देना।
- सरकारी योजनाओं के संसाधनों का बेहतर उपयोग।
- परियोजनाओं की निगरानी में सुविधा।
- पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बढ़ना।
इससे गांवों के विकास में डेटा आधारित निर्णय लेने की व्यवस्था मजबूत हो रही है।
जमीन विवाद कम करने में मददगार
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की सीमाओं और स्वामित्व को लेकर विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं। SVAMITVA योजना के तहत तैयार डिजिटल रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी कार्ड इस समस्या को कम करने में सहायक साबित हो सकते हैं।
सटीक नक्शे और आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध होने से—
- संपत्ति की पहचान स्पष्ट होगी।
- मालिकाना अधिकार मजबूत होंगे।
- कानूनी विवादों में कमी आएगी।
- ग्रामीणों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ेगा।
ग्रामीण विकास की नई दिशा
SVAMITVA Scheme का लक्ष्य केवल जमीन का सर्वे करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
डिजिटल मैपिंग, प्रॉपर्टी कार्ड और GIS आधारित योजना व्यवस्था के जरिए गांवों में विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। 3.30 लाख गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा होना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले समय में यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पंचायत स्तर की विकास व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।




