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योगी का सपा पर बड़ा हमला: “हंगामे में दब गई युवाओं, किसानों और महिलाओं की आवाज”, विधानसभा सत्र समय से पहले खत्म होने पर जताई नाराजगी

योगी आदित्यनाथ का सपा पर वार, बोले- हंगामे के कारण युवाओं, किसानों और महिलाओं के मुद्दों पर नहीं हो सकी चर्चा

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से पहले समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लगातार हंगामे और व्यवधान के कारण सदन में प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।

लखनऊ में विधानसभा परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सपा का रवैया एक बार फिर सामने आया है। उन्होंने कहा कि सदन लोकतांत्रिक चर्चा का मंच है, लेकिन लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण जनता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर नहीं मिल पाया।

“जनता के मुद्दों पर चर्चा रोकना दुर्भाग्यपूर्ण”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार विधानसभा में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना चाहती थी। इसमें प्रदेश के विकास, युवाओं के रोजगार, किसानों के हित, महिलाओं के कल्याण और गरीबों के लिए चल रही योजनाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। जनता अपने प्रतिनिधियों को समस्याओं पर चर्चा और समाधान के लिए चुनकर भेजती है, लेकिन हंगामे के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका।

59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया था

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार विधानसभा में 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी। इस बजट का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न वर्गों के लिए नई योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को गति देना था।

उन्होंने कहा कि बजट में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए थे, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इन विषयों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो पाई।

मानदेय और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर नहीं हो सकी चर्चा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार कई वर्गों के हितों से जुड़े फैसलों पर चर्चा करना चाहती थी।

इनमें शामिल थे—

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि।
  • रसोइयों और ग्राम चौकीदारों के हितों से जुड़े विषय।
  • महिला पेंशन योजनाएं।
  • दिव्यांगजन पेंशन।
  • वृद्धावस्था पेंशन।
  • गरीब और जरूरतमंद वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के व्यवहार के कारण इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में सकारात्मक चर्चा नहीं हो सकी।

अनुपूरक बजट की मांगें हुईं पारित

मुख्यमंत्री ने कहा कि हंगामे के बावजूद विधानसभा ने अनुपूरक अनुदान की मांगों को पारित कर दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट में किए गए प्रावधानों को जल्द लागू करने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं को जमीन तक पहुंचाना और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाना है।

विपक्ष के हंगामे के बीच खत्म हुआ मानसून सत्र

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त तक प्रस्तावित था, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण इसे समय से पहले स्थगित करना पड़ा।

सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। लगातार व्यवधान के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

सियासी घमासान जारी

विधानसभा सत्र के दौरान हुए घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां विपक्ष पर जनता से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष लगातार सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाता रहा है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, विधानसभा में हुआ यह टकराव आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में और तेज बहस का कारण बन सकता है। सरकार और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने रुख के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं।

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