भोपाल में 13 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत, शव मिलने से मचा हड़कंप; चोट के निशान से हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

भोपाल। राजधानी भोपाल में 13 वर्षीय स्कूली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। एमपी नगर थाना क्षेत्र में छात्रा का शव घर के पास स्थित एक खाली सरकारी क्वार्टर के कमरे में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट मिलने के बावजूद छात्रा के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका है।
स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी छात्रा
जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय छात्रा संजय गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 8वीं की छात्रा थी। शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे खाना खाने के बाद वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी।
देर शाम तक जब छात्रा घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और रात करीब 8 बजे एमपी नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
इसी दौरान घर के पास स्थित एक खाली सरकारी क्वार्टर के कमरे में छात्रा का शव मिलने की सूचना सामने आई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
शरीर पर चोट के निशान मिलने से बढ़ा संदेह
पुलिस के अनुसार, छात्रा के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके अलावा उसके हाथ पर भी गंभीर चोट के संकेत पाए गए हैं। इन परिस्थितियों के कारण पुलिस मामले को सामान्य आत्महत्या मानकर नहीं चल रही है।
पुलिस हत्या की आशंका समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि छात्रा की मौत किस परिस्थिति में हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
मौके से मिला कथित सुसाइड नोट
घटनास्थल से अंग्रेजी में लिखा एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस ने इसे जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।
नोट वास्तव में छात्रा ने लिखा था या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए हैंडराइटिंग जांच कराई जा रही है। पुलिस अन्य साक्ष्यों के साथ इस दस्तावेज की भी जांच करेगी।
सिर्फ नोट मिलने के आधार पर पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती। शरीर पर मिले चोट के निशानों को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ
मामले की जांच के दौरान पुलिस छात्रा के परिजनों के अलावा उसके दोस्तों, सहपाठियों और आसपास रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि स्कूल जाने के बाद छात्रा किन लोगों के संपर्क में थी और उसके साथ आखिरी बार किसने बातचीत की थी।
इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि छात्रा की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई। इसके लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, कथित सुसाइड नोट और पूछताछ से सामने आ रही जानकारी को आपस में मिलाया जा रहा है।
पुलिस जांच में फिलहाल अहम बिंदु
- छात्रा कक्षा 8वीं में पढ़ती थी।
- शुक्रवार सुबह वह घर से स्कूल के लिए निकली थी।
- देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
- घर के पास खाली सरकारी क्वार्टर में उसका शव मिला।
- शरीर पर चोट के निशान पाए गए।
- घटनास्थल से अंग्रेजी में लिखा कथित सुसाइड नोट मिला।
- नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराई जा रही है।
- पुलिस हत्या समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
- परिजनों, दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ जारी है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल भोपाल के इस मामले में पुलिस ने मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। चोट के निशान और कथित सुसाइड नोट के बीच संबंध की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, फोरेंसिक साक्ष्यों और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




