छत्तीसगढ़

आपराधिक प्रकरणों पर दुर्ग पुलिस का मंथन, प्रशिक्षण में दी गई कानूनी जानकारी

दुर्ग। पुलिस लाइन दुर्ग के दधीचि प्रशिक्षण हॉल में 45 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आपराधिक प्रकरणों की विवेचना के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई। महिला संबंधी अपराध, मर्ग जांच, गुम इंसान, शिकायत, आबकारी अधिनियम, समंस-वारंट तामीली एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की विवेचना पर प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस लाइन दुर्ग के प्रशासनिक भवन स्थित दधीचि प्रशिक्षण हॉल में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विवेचना प्रक्रिया को तथ्यात्मक, साक्ष्य आधारित एवं तकनीकी रूप से प्रभावी बनाने संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आपराधिक प्रकरणों की विवेचना से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। महिला संबंधी अपराध, मर्ग जांच, गुम इंसान, शिकायत, धारा 36(च) से संबंधित कार्यवाही, आबकारी अधिनियम, समंस एवं वारंट तामीली, स्थायी वारंट, गिरफ्तारी वारंट तथा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की विवेचना के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया समझाई गई।
विवेचना के दौरान घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर परिस्थितियों को समझने, आसपास के व्यक्तियों के कथन लेने, उपलब्ध CCTV फुटेज का अवलोकन करने तथा साक्ष्यों का विधिवत संकलन कर दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कार्यवाही करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को ई-साक्ष्य (e-Sakshya) एप में ID निर्माण, ICJS से आवश्यक रिकॉर्ड प्राप्त करने तथा CCTNS में IF-11 फॉर्म अपडेट करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही PM रिपोर्ट का पूर्ण अध्ययन कर Body के External Examination एवं Internal Examination को समझने तथा चिकित्सकीय एवं अन्य साक्ष्यों को आपस में जोड़कर विवेचना करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
अपराधों में प्रयुक्त हथियारों की खरीदी-बिक्री एवं संबंधित गतिविधियों की जांच के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों एवं GPRS डेटा के उपयोग सहित अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए साक्ष्य आधारित विवेचना के महत्व को समझाया गया।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अपराध की विवेचना एवं पुलिस कार्यवाही की प्रक्रिया से संबंधित था, इसलिए किसी विशिष्ट अपराध के मॉडस ऑपरेंडी का विवरण लागू नहीं है।
उपस्थित अधिकारी एवं प्रशिक्षु
कार्यक्रम में पुलिस लाइन दुर्ग के अधिकारी-कर्मचारी तथा 45 प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस द्वारा सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि प्रत्येक प्रकरण में कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्यात्मक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना सुनिश्चित की जाए। तकनीकी संसाधनों एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रकरणों की विवेचना को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए।

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