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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पेयजल गुणवत्ता की सतत निगरानी

उमावाणी न्यूज

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पेयजल गुणवत्ता की सतत निगरानी

5,172 जांचों में शत-प्रतिशत संतोषजनक परिणाम, 373 नमूनों की गुणवत्ता जांच भी रही संतोषजनक*

पिछले माह 15 दिवसीय विशेष अभियान के तहत स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था की व्यापक जांच एवं निगरानी

बिलासपुर/रायपुर – 20 सितम्बर 2026

स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल स्वस्थ रेल यात्रा का अभिन्न हिस्सा है। यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना भारतीय रेल की महत्वपूर्ण जनसेवा एवं स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में पिछले माह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर पेयजल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल व्यवस्था की व्यापक जांच एवं निगरानी की गई तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पेयजल गुणवत्ता की निगरानी स्टेशन की श्रेणी एवं यात्री आवागमन के अनुरूप नियमित रूप से की जाती है। बड़े एवं अधिक यात्री आवागमन वाले NSG-II एवं NSG-III श्रेणी के प्रमुख स्टेशनों पर स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा प्रतिदिन नियमित रूप से चार पेयजल नमूनों की जांच की जाती है। वहीं, NSG-IV से NSG-VI श्रेणी के छोटे एवं अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध पेयजल स्रोतों की नियमित जांच एवं निगरानी सुनिश्चित की जाती है।

इस प्रकार प्रमुख स्टेशनों पर अधिक आवृत्ति के साथ निगरानी के साथ-साथ छोटे स्टेशनों पर भी पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच की व्यवस्था लागू है। इसके अतिरिक्त प्रमुख स्टेशनों से पेयजल के नमूनों की गुणवत्ता की विस्तृत जांच भी समय-समय पर कराई जाती है, ताकि पेयजल व्यवस्था की समग्र गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

पिछले माह चलाए गए 15 दिवसीय विशेष अभियान सहित नियमित निगरानी के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पेयजल गुणवत्ता से संबंधित कुल 5,172 जांचें की गईं। इन सभी जांचों में निर्धारित मानकों के अनुरूप शत-प्रतिशत संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए। इसी अवधि में पेयजल गुणवत्ता के 373 नमूनों की विस्तृत जांच भी की गई, जिनके परिणाम संतोषजनक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। ये परीक्षण NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में कराया गया ।

पेयजल गुणवत्ता की निगरानी केवल जांच तक सीमित नहीं है। किसी भी संभावित समस्या की समय रहते पहचान, आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई तथा उसके बाद पुनः निगरानी के माध्यम से सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा भारतीय रेल के निर्देशों के अनुरूप पेयजल स्रोतों, आपूर्ति व्यवस्था, फिल्ट्रेशन, भंडारण एवं वितरण से संबंधित व्यवस्थाओं के नियमित रखरखाव एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले माह चलाए गए विशेष अभियान के माध्यम से इन व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा की गई, जबकि नियमित निगरानी की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का उद्देश्य यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना तथा इसके लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी निगरानी व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करना है।

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