काशी विश्वनाथ धाम में आसाराम बापू को वीआईपी ट्रीटमेंट, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

वाराणसी। दुष्कर्म में उम्रकैद के सजायाफ्ता आसाराम बापू अयोध्या के बाद अचानक काशी पहुंचे। रविवार की देर शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विश्वनाथ धाम में बाबा का दर्शन-पूजन किया। इससे पूर्व वे दिनभर अनौरा स्थित आश्रम में ठहरे थे। दशक से अधिक समय बाद आश्रम में चहल पहल बढ़ गई थी। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से भी उसके अनुयायी आश्रम में जुटे थे।
आसाराम बापू ने रविवार शाम श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्हें वीआईपी ट्रिटमेंट दिया गया। वहीं, आसाराम को दी गई कथित वीआईपी व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। रविवार शाम करीब साढ़े आठ बजे उनका काफिला मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंचा, जहां उन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस के अनुसार, आसाराम के लिए कोई आधिकारिक प्रोटोकॉल जारी नहीं किया गया था। उनके निजी कर्मचारी और सहयोगी उन्हें दर्शन के लिए लेकर आए थे। मंदिर में प्रवेश के समय अन्य श्रद्धालुओं की तरह ही उनकी भी डीएफएमडी जांच की गई। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर के अंदर और आसपास पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और भीड़ को देखते हुए आमजन की सुविधा के लिए पुलिस वहां मौजूद थी। वहीं, मंदिर प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
खास कोडवर्ड पर मिल रही थी एंट्री
अनुयायियों की मानें तो आसाराम दो दिन से रुके हैं। आश्रम में केवल अनुयायियों को ही प्रवेश मिला। चर्चा थी कि एक खास कोडवर्ड पर अंदर जाने दिया जा रहा था। कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद करने पर रोक लगा दी गई थी। आसाराम ने आश्रम के अंदर अनुयायियों को संबोधित भी किया। बाहर छोटे-बड़े वाहनों की कतार लगी है। बताते हैं कि वह अलईपुरा स्थित आश्रम भी पहुंचे थे। यहां आश्रम के बाहर बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। दोपहर बाद कई वाहनों के काफिले के साथ आसाराम शहर रवाना हुए। उनका वाहन विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार तक पहुंचा। वाहन से उतरने के बाद भारी सुरक्षा में व्हीलचेयर से वह मंदिर परिसर पहुंचे। यहां दर्शन-पूजन के बाद आश्रम रवाना हो गए।
पेरौल पर बाहर हैं आसाराम
बता दें कि आसाराम जोधपुर के मनई आश्रम में नाबालिग के साथ दुष्कर्म में आसाराम उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट के बाद 7 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हृदय संबंधी गंभीर बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत दी। फिलहाल काशी में प्रवास कर रहे हैं। वे बड़ागांव स्थित अनौरा आश्रम में ठहरे हुए हैं, जहां उन्होंने अपने कई शिष्यों से मुलाकात भी की। सूत्रों के अनुसार, आश्रम में प्रवचन के दौरान किसी को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। शनिवार को वे अलईपुर स्थित आश्रम भी पहुंचे थे। उनके काफिले में कई महंगी गाड़ियां शामिल थीं।




