अगहन बृहस्पति आने से पहले कार्तिक माह का समापन हो जाता है और अगहन बृहस्पति की पूजा सभी महिलाएं जो जो उपवास रखती हैं
अगहन बृहस्पति आने से पहले कार्तिक माह का समापन हो जाता है और अगहन बृहस्पति की पूजा सभी महिलाएं जो जो उपवास रखती हैं
वह गुरुवार के पहले बुधवार को घर की साफ सफाई झाड़ू पोछा यह सभी करके वह द्वार दरवाजे को बिल्कुल दिवाली की तरह जगमगा देती हैं अगहन बृहस्पति में पूजा की जाती है पूजा में जितनी भी सामग्रियां लगते हैं महिलाएं घर से बड़े बुजुर्ग बाजार जाकर एक दिन पहले ही सारी चीज ले आते हैं पूजा सामग्री फल फ्रूट और फिर सफाई के दौरान दीप जलाकर और गुरुवार के सवेरे सबसे पहले उठकर स्नान कर चावल आटे को पीसकर उसका घोल बनाकर माता लक्ष्मी की पैरों की निशान घर के हर किनारे किनारे बनाया जाता है की माता लक्ष्मी का वास हमेशा हमारे घर पर बना रहे और फल फ्रूट दिया बत्ती जलाकर माता लक्ष्मी जी का पूजा कर उनसे विनती की जाती है लक्ष्मी माता हमारे घर में सुख शांति का वास हो हमारी पूजा सफल हो हमारा उपवास सफल हो इन्हीं कामनाओं के साथ अगहन विरस्पति पर पूरे अघन मास में मनाया जाएगा



