
नई दिल्ली। देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मुख्य आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। CBI का दावा है कि शुभम खैरनार ने अपने नेटवर्क और कथित संपर्कों की मदद से परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल कर कई लोगों तक पहुंचाया था।
यह मामला देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद बड़ी साजिश और अन्य शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
कोर्ट ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत
शनिवार को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में शुभम खैरनार को पेश किया गया। उनकी पिछली न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद CBI ने हिरासत बढ़ाने की मांग की थी।
स्पेशल जज (CBI) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया। इससे पहले उन्हें 24 मई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
CBI का बड़ा दावा
जांच एजेंसी का आरोप है कि शुभम खैरनार ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र प्राप्त किया और उसे अन्य लोगों तक पहुंचाया।
CBI के अनुसार:
- प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
- मामले में कई राज्यों के लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
- आरोपियों के बीच पैसों के लेनदेन के भी प्रमाण मिले हैं।
12 लाख रुपये में बेचा गया पेपर!
जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र एक श्रृंखला के माध्यम से कई लोगों तक पहुंचाया गया।
CBI के मुताबिक कथित घटनाक्रम इस प्रकार था:
- शुभम खैरनार ने सबसे पहले यश यादव को प्रश्नपत्र दिया।
- यश यादव ने यह पेपर मांगीलाल बिवाल तक पहुंचाया।
- मांगीलाल ने अपने बेटे विकास बिवाल को प्रश्नपत्र दिया।
- इसके बाद प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।
- आरोप है कि कई उम्मीदवारों को यह पेपर लगभग 12 लाख रुपये तक में बेचा गया।
यदि ये आरोप अदालत में साबित होते हैं तो यह देश के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में से एक माना जा सकता है।
NTA और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच
CBI इस मामले में केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी जांच कर रही है कि कहीं परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं रही।
एजेंसी का कहना है कि पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में CBI अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में:
- मनीषा वाघमारे
- प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी
- मनीष मंधारे
- शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर
- मनीषा संजय हवलदार
- डॉ. मनोज शिरुरे
- तेजस हर्षद कुमार शाह
सहित अन्य नाम शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
लाखों छात्रों की नजर जांच पर
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर वर्ष लाखों छात्र डॉक्टर बनने के सपने के साथ इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सभी की निगाहें CBI की आगे की जांच और अदालत की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में और बड़े खुलासे होते हैं, तो इस मामले में कई और लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




