
भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार 22 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से भारी तेजी देखने को मिली है। पिछले दो दिनों से चल रही भयंकर गिरावट पर आज सुबह-सुबह पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। बाजार खुलते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर इन दोनों कीमती धातुओं के दाम अचानक और बहुत ही तेजी से ऊपर चढ़ने लगे। इस शानदार उछाल से बाजार के लंबे समय से निराश निवेशकों के चेहरों पर फिर से खुशी लौट आई है।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति के संकेतों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। इस वैश्विक नरमी ने हमारे घरेलू सर्राफा बाजार को एक बहुत ही मजबूत और बड़ा सहारा प्रदान किया है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की सख्त और गंभीर आशंकाओं ने बाजार में थोड़ी चिंताएं भी बढ़ाई हैं। इन सभी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कारणों का सीधा असर हमारे घरेलू सर्राफा बाजार के रोजाना के रुझानों पर प्रमुखता से पड़ रहा है।
आज सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बाजार खुलते ही 10 ग्राम सोने की कीमत में लगभग 800 रुपये का एक बड़ा उछाल देखा गया। सोमवार को अगस्त डिलीवरी वाला सोना भी सुबह 9:40 बजे 522 रुपये की अहम तेजी के साथ 1,47,725 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव आज 1,46,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बड़ी मजबूती के साथ दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना 0.9 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 4,197.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
सोने के साथ-साथ आज 1 किलो चांदी की कीमतों में भी एक बहुत ही बड़ा और शानदार उछाल देखने को मिला है। MCX पर बाजार खुलते ही चांदी प्रति 1 किलो लगभग 4,000 रुपये तक काफी ज्यादा महंगी हो गई जिससे बाजार में बड़ी हलचल है। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का भाव भी 1,914 रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 2,35,099 रुपये प्रति 1 किलो पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी 1.8 प्रतिशत की भारी बढ़त लेकर 66.10 डॉलर प्रति औंस पर मजबूत होकर कारोबार कर रही है।
कच्चे तेल की ऊंची और लगातार बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई बढ़ती है जिससे केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का बहुत भारी दबाव बनता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 19 में से 9 नीति निर्माताओं को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक दरें जरूर बढ़ाई जाएंगी। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका अब तेजी से बढ़कर 89 प्रतिशत तक ऊपर पहुंच गई है। चूंकि सोने पर कोई निश्चित ब्याज नहीं मिलता इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर इन धातुओं में निवेश का आकर्षण आम निवेशकों के लिए बहुत कम हो जाता है।




