
छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ सरकार का अभियान लगातार तेज हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिज विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण की मदद से रेत भंडारण स्थलों और खनन क्षेत्रों की विस्तृत जांच की गई।
खनिज विभाग की केंद्रीय उड़नदस्ता टीम ने शिकायतों के आधार पर 21 जून 2026 की रात कई स्थानों पर निरीक्षण कर अनियमितताओं का पता लगाया। जांच में नियमों के उल्लंघन के संकेत मिलने पर संबंधित भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
रात में हुई बड़ी जांच कार्रवाई
अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला स्तरीय टीम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाया।
जिन क्षेत्रों में हुआ निरीक्षण
- केवाई नदी क्षेत्र
- पसौरी क्षेत्र
- कुटरा क्षेत्र
- हसदेव नदी क्षेत्र
- दंडाहस्वाही (तहसील केल्हारी, जिला एमसीबी)
इन क्षेत्रों को अवैध रेत खनन की संभावनाओं को देखते हुए विशेष निगरानी सूची में रखा गया था।
ड्रोन सर्वे से हुई सटीक जांच
इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता हाईटेक ड्रोन तकनीक का उपयोग रहा। अधिकारियों ने स्वीकृत अस्थायी रेत भंडारण स्थलों की वास्तविक स्थिति का आकलन ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया।
ड्रोन सर्वे के प्रमुख फायदे
- रेत की वास्तविक मात्रा का सटीक आकलन
- बड़े क्षेत्रों की त्वरित निगरानी
- डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना
- नियमों के उल्लंघन की पहचान
- पारदर्शी जांच प्रक्रिया
आधुनिक तकनीक के उपयोग से जांच की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता दोनों में वृद्धि हुई है।
दो रेत भंडारण स्थलों में मिली अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान दो स्वीकृत अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया।
जांच में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन ने दिए ये निर्देश
- तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करें
- सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं
- भंडारण संबंधी रिकॉर्ड की पुष्टि करें
- नियमों का पालन सुनिश्चित करें
जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन और अवैध भंडारण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और खनिज संपदा का उपयोग पूरी तरह नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर
खनिज सचिव P. Dayanand ने अधिकारियों को राज्य के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग की आगामी रणनीति
- संभावित अवैध खनन क्षेत्रों की पहचान
- नियमित ड्रोन सर्वेक्षण
- रात्रिकालीन निरीक्षण अभियान
- शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
- तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली
इस रणनीति का उद्देश्य अवैध खनन नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।




