ल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज: जानें टाइम, सूतक काल, ग्रहण किस समय होगा

लगने जा रहा है साल का दूसरा चंद्र ग्रहण
खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। साल का आखिरी व दूसरा चंद्रग्रहण अक्टूबर महीने में लगने जा रहा है। खास बात यह है कि अक्टूबर में दो ग्रहण लगेंगे। पहले सूर्य ग्रहण फिर 15 दिन के अंतराल में चंद्र ग्रहण लगेगा। सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगा और चंद्र ग्रहण 28 और 29 अक्टूबर की रात को लगेगा।

चंद्र ग्रहण से जुड़ी जरूरी बातें
साल का दूसरा व आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा। आप भी जान लें टाइमिंग, सूतक काल व अन्य खास बातें-

भारत में किस समय नजर आएगा चंद्र ग्रहण
भारत के नई दिल्ली में यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण रात 01 बजकर 06 मिनट पर प्रारंभ होगा और रात 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की अवधि 1 घंटा 16 मिनट और 16 सेकेंड की है।

भारत में नजर आएगा चंद्र ग्रहण
भारत में नजर आने के कारण चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी मान्य होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। सूतक काल के दौरान मांगलिक कार्य व पूजा-पाठ की मनाही होती है।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब शुरू होगा
चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में 28 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगा और 29 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा।

उपच्छाया से पहला स्पर्श कब होगा
चंद्र ग्रहण का उपच्छाया से पहला स्पर्श 28 अक्टूबर को 11:32PM पर होगा और प्रच्छाया से पहला स्पर्श 01:06 AM पर होगा।

चंद्र ग्रहण अपने चरम पर कब होगा
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण अपने चरम पर 29 अक्टूबर को सुबह 01 बजकर 44 मिनट पर होगा। यह स्थिति परमग्रास चंद्र ग्रहण की होगी।

किस समय होगा उपच्छाया से अंतिम स्पर्श
साल के आखिरी चंद्रग्रहण का प्रच्छाया से अंतिम स्पर्श 29 अक्टूबर को 02:22 ए एम पर होगा और उपच्छाया से अंतिम स्पर्श 03:55 ए एम पर होगा।

चंद्र ग्रहण किसे कहते हैं
जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इससे चंद्रमा का छाया वाला भाग काला हो जाता है और जब जब धरती से चांद को देखते हैं तो हमें यह ब्लैक नजर आता है। इस घटना को ही चंद्र ग्रहण कहा जाता है। चंद्र ग्रहण की घटना केवल पू्र्णिमा के दिन होती है।

चंद्र ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ध्यान
ग्रहण के दौरान बाल और नाखून ना काटें। इस दौरान किसी भी नुकीली चीज को न छुएं। ग्रहण को खुली आंखों से न देखें। इस दौरान पूजा-पाठ न करें। खाने-पीने से परहेज करें।



