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महिला आरक्षण पर मायावती की अपील, बसपा नेताओं-कार्यकर्ताओं से धरना-प्रदर्शन न करने की सलाह

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली रवाना होने से पहले पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने और किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन से बचने की हिदायत दी है।

महिला आरक्षण पर स्टैंड साफ, गुमराह न होने की अपील

मायावती ने कहा कि महिला आरक्षण के समर्थन को लेकर बसपा का स्टैंड वही है, जो उन्होंने 15 अप्रैल 2026 को मीडिया और सोशल मीडिया (X) के जरिए सार्वजनिक किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पार्टी के लोग इस खास मुद्दे पर बिल्कुल भी गुमराह न हों। स्थानीय स्तर पर होने वाली बैठकों में इस स्टैंड के बारे में विस्तार से बताएं, लेकिन ध्यान रहे कि पार्टी अनुशासन के विरुद्ध जाकर कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं करना है।”

कांग्रेस पर निशाना: ‘जातिवादी मानसिकता ने रोके विकास कार्य’

बसपा सुप्रीमो ने उत्तर प्रदेश के विकास का श्रेय अपनी पूर्ववर्ती सरकार को देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यूपी में आज जो एक्सप्रेस-वे और नोएडा एयरपोर्ट दिख रहे हैं, उनकी रूपरेखा बसपा शासन में ही बन गई थी। मायावती के अनुसार, “यदि तत्कालीन केंद्र की कांग्रेसी सरकार ने अपनी जातिवादी मानसिकता के कारण अड़ंगे न लगाए होते, तो ये प्रोजेक्ट काफी पहले पूरे हो जाते।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता को बताएं कि प्रदेश में ‘कानून द्वारा कानून का राज’ और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ केवल बसपा शासन में ही संभव है।

संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की अंतिम चेतावनी

मायावती ने संगठन में निष्क्रियता बरतने वाले पदाधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अब समय केवल चर्चाओं का नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाने का है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कैडर कैंपों के माध्यम से नए युवाओं और महिलाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाए। मायावती ने साफ किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों का वितरण उन्हीं पदाधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा जो बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनता को लोकलुभावन वादों से बरगलाने की कोशिश करेंगे, लेकिन बसपा कार्यकर्ताओं को ‘सावधान’ रहकर अपने परंपरागत वोट बैंक को टूटने से बचाना है और आर्थिक मजबूती के लिए पार्टी फंड के संग्रह में भी पारदर्शिता के साथ तेजी लानी है।

चुनावी तैयारियों को धार देने का निर्देश

आज पार्टी कार्यों से दिल्ली रवाना हुईं मायावती ने कहा कि उनके प्रवास के दौरान संगठन का काम रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने 31 मार्च और 22 फरवरी 2026 को लखनऊ में हुई बैठकों के दिशा-निर्देशों को याद दिलाते हुए कहा कि कैडर के जरिए पार्टी का जनाधार बढ़ाएं, पार्टी को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करें और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुटें। मायावती ने भरोसा दिलाया कि वह अपना कार्य पूरा होते ही जल्द ही वापस लौटेंगी, तब तक सभी जिला अध्यक्ष और छोटे-बड़े पदाधिकारी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें।

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