छत्तीसगढ़

विधानसभा में आयोजित हुआ युवा गोठ का मॉक सदन

रायपुर। विधानसभा परिसर स्थित ऑडिटोरियम में शुक्रवार को राज्य सरकार, यूनिसेफ और नेहरू युवा केंद्र के संयुक्त प्रयास से युवा गोठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 146 विकासखंडों से आए 150 युवा प्रतिनिधियों, विशेष रूप से बस्तर संभाग के युवाओं ने भागीदारी की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन का प्रारूप बनाकर चर्चा की।

कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत में श्रीकांत पांडे, स्टेट डायरेक्टर, नेहरू युवा केंद्र ने छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के डेढ़ दशक के कार्यों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भाजपा की सरकार में डॉ. सिंह ने युवाओं पर विशेष ध्यान दिया और कौशल उन्नयन के लिए कानून बनाकर संवैधानिक अधिकार दिया था। इसके साथ ही राज्य में पौधरोपण और वनांचलों के बेहतर रखरखाव की पहल भी की गई थी।

विशेष संबोधन
डॉ. रमन सिंह ने कहा, “फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता को समाप्त करने व पर्यावरण जागरूकता के साथ ही प्रकृति का संरक्षण संभव है।” उन्होंने अपने संबोधन में पर्यावरण परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर मौजूद पानी का केवल 0.5% पानी ही पीने योग्य और मानव उपयोग के लिए है।

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप का संबोधन
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान पूरे देश में संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जुड़कर हर नागरिक प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहा है।

युवा प्रतिनिधियों की भूमिका
युवा गोठ कार्यक्रम में युवाओं ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन का प्रारूप बनाकर चर्चा की। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 16 युवा मितानों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अतिथियों द्वारा पुरुस्कृत किया गया।

प्रमुख बातें
जलवायु परिवर्तन पर चर्चा: युवाओं ने पक्ष-विपक्ष के तौर पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
पर्यावरण संरक्षण: फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता को समाप्त करने और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

डॉ. रमन सिंह का संदेश: पर्यावरण संरक्षण और जल-संवर्धन के लिए हर घर से प्रयास करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में केदार कश्यप, वन एवं जल संसाधन मंत्री (छत्तीसगढ़ शासन), दिनेश शर्मा, सचिव विधानसभा, श्रीकांत पांडे, स्टेट डायरेक्टर, नेहरू युवा केंद्र, विलियम जूनियर, यूनिसेफ चीफ (उड़ीसा और छत्तीसगढ़), श्वेता पटनायक, WASH एवं विशेषज्ञ पर्यावरण परिवर्तन (यूनिसेफ) और नेहरु युवा केंद्र व यूनिसेफ समेत विधानसभा सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

डॉ. रमन सिंह ने इस कार्यक्रम में आए युवाओं को अपनी शुभकामनायें व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग विचारों को लेकर सदन तक भी पहुंचें। इस कार्यक्रम ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के महत्व और इसके लिए उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक किया।

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