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जैन समाज के युवाओं की अनोखी पहल, तपस्वियों के परिजनों की सेवा में बिताए पर्यूषण के 8 दिन

जैन समाज के युवाओं की अनोखी पहल, तपस्वियों के परिजनों की सेवा में बिताए पर्यूषण के 8 दिन

*समाज के युवाओं ने पेश की मानवता की मिसाल, रायपुर में पहली बार दो चौविहार हाउस किया स्थापित*

रायपुर। पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के दौरान श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट और सदर पाटा ग्रुप नंबर – 1 ने मिलकर मानवता की मिसाल पेश की है। समाज के युवाओं ने रायपुर में पहली बार एक अनोखी पहल करते हुए पर्यूषण पर्व के आठ दिनों तक तपस्वियों के परिजनों के लिए चौविहार हाउस स्थापित कर सेवाकार्य किया। राजधानी में दो स्थानों पर इन हाउस का संचालन किया गया, जिसमें 31 अगस्त से 6 सितंबर तक सदर बाजार के जैन मंदिर के पीछे स्थित महावीर भवन में सदर पाटा ग्रुप नंबर – 1 ने अपनी सेवाएं दी। वहीं, 31 अगस्त से 6 सितंबर तक पंडरी के महालक्ष्मी मार्केट में श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट ने चौविहार हाउस का संचालन किया।

जैन समाज के निलेश गोलछा ने बताया कि पर्यूषण पर्व के दौरान समाज के सभी घरों में सभी तप-जप और साधना करते हैं, खासकर महिलाएं कठिन तपस्या करती है। चातुर्मास के चार महीनों में धार्मिक दिनचर्या का अनुसरण करते हुए पुरूषगण भी अपने दैनिक कार्याें में व्यस्त रहते है। महिलाओं को अन्य घरेलू कार्याें का निर्वहन करने में कोई कठिनाई न आए, इसके लिए युवाओं ने पुरूषों और घर के अन्य सदस्यों के लिए चौविहार हाउस का संचालन किया। इन चौविहार हाउस में शाम के समय सभी के भोजन की व्यवस्था की गई ताकि तपस्वियों को कोई परेशानी न हो और उनका तप गुरू के आशीर्वाद से निर्विघ्न संपन्न हो जाए। चूंकि, जैन समाज में रात्रि भोजन करने की परंपरा नहीं है, इसलिए सूर्य ढलने से पहले वे भोजन करते है और इसी क्रम में शाम 4 बजे से 5.45 बजे तक इन हाउस का संचालन किया गया ताकि समाजजन आकर सूर्यास्त पूर्व भोजन कर सके।

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