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बिहार पुलिस की नजरों से वर्षों तक बचता रहा आरोपी, सिलतरा की निजी स्टील कंपनी में पहचान छिपाकर कर रहा था नौकरी।

रायपुर, बिहार के चर्चित गैंगरेप, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट मामले में फरार चल रहा 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी आखिरकार रायपुर ग्रामीण पुलिस के शिकंजे में आ गया। आरोपी पिछले कई वर्षों से सिलतरा के औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पहचान छिपाकर एक निजी स्टील कंपनी में नौकरी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार जहानाबाद (बिहार) के महिला थाना में वर्ष 2019 में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपी अजय यादव फरार चल रहा था। उसके खिलाफ गैंगरेप, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन धाराओं के तहत अपराध दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।


तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर बिहार पुलिस को पता चला कि आरोपी रायपुर जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद जहानाबाद पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची और सिलतरा चौकी पुलिस से संपर्क किया। चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी सिलतरा स्थित एक निजी स्टील कंपनी में कार्यरत है और वर्षों से अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा है। पुलिस ने योजनाबद्ध घेराबंदी कर उसे सिलतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जिस निजी कंपनी में आरोपी कार्यरत था, वहां कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने क्षेत्र के सभी उद्योगों और प्रतिष्ठानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं, अन्यथा भविष्य में कठोर वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
रायपुर से बिहार तक चला ऑपरेशन, इनामी आरोपी गिरफ्तार, कंपनी प्रबंधन पर भी गिरी पुलिस की गाज।
ऑपरेशन में सिलतरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर, परिवीक्षाधीन उपनिरीक्षक किशन लाल, एएसआई रमेश शर्मा, आरक्षक राजकुमार चौबे, अर्जुन कुर्रे तथा जहानाबाद पुलिस की उपनिरीक्षक सुरूचि शर्मा, एएसआई धनंजय कुमार, आरक्षक श्रीराम साहू, बंशी कुमार, मिन्टू कुमार एवं महिला आरक्षक कोमल कुमारी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका।

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