
वक्ताओं ने बताई मल्टी-मीडिया की बारीकियां और चुनौतियाँ
रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में आज मल्टी मीडिया प्रोडक्शन पर पत्रकारिता विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आमंत्रित वक्ताओं ने मल्टी मीडिया के अलग अलग आयामों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बौद्धिकता सहित अनेक नई तकनीकों के प्रयोग से मीडिया का स्वरूप तेजी सेबदलता जायेगा। ऐसे में जो व्य्यक्ति तकनीकी बदलाव के साथ गति मिलाकर काम करने में कुशल रहेगा, वही इस क्षेत्र में सफल हो पायेगा।
पहले सत्र में वीडियो एडिटर सौरभ चौधरी ने वीडियो प्रोडक्शन तथा वीडियो स्पॉट पर तकनीकी जानकारी दी । उन्होंने कहा कि किसी भी विषय को अच्छे विजुअल के साथ पेश किया जाता है, तो उसका प्रभाव निश्चित रूप से दर्शकों पर गहरा होता है. उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र के कुछ उदाहरण भी दिए और यह बताया कि वीडियो एडिटिंग विज्ञान और तकनीक के साथ कला और कल्पनाशीलता का मिश्रण है.
दूसरे सत्र में न्यूज एंकर पुनीत पाठक एंकरिंग की बारीकियां बताई। उन्होंने कहा कि किसी भी मीडिया संस्थान में समाचार संपादक के साथ रिपोर्टर की पूरी टीम दिन भर जो मेहनत करती है और एक बुलेटिन तैयार करती है, उसे दर्शकों तक शानदार तरीके से पहुँचाने का काम एंकर का होता है. इसलिए एंकर पूरे कार्यक्रम का सूत्रधार होता है. उन्होंने बताया कि कई बार समाचार में अनजाने में ही कुछ गलत तथ्य आ जाते हैं. ऐसे में यदि एंकर जानकार हो, तो वह खुद ही गलती को ठीक करके पढ़ लेता है और अपनी टीम को बचा लेता है.
ब्रेक के बाद तीसरे सत्र में सुमेधा अग्रवाल ने स्क्रिप्ट लेखन तथा वॉइस ओवर के विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि स्क्रिप्ट के अनुसार उसके पढने की शैली तय की जाती है. न्यूज में जो तरीका सही हगा, वही फीचर को पढने में सही नहीं माना जायेगा। इसी तरह नाटक के डायलॉग बोलने के लिए जो तरीका सही है, वही तरीका किसी कार्यक्रम की एंकरिंग में उपयुक्तत नहीं कहा जा सकता. इसलिए विषय को समझकर उसके अनुसार जो शैली अनुकूल रहे, उसे ही अपनाना एक अच्छे वोईस-ओवर कलाकार के लिए जरुरी होता है.
वहीँ कार्यशाला के अंतिम सत्र में अभिषेक मंडावी ने मल्टी कैमरा प्रोडक्शन के विषय में जानकारी दी उन्इहोंने कहा कि अब कैमरा के साथ डिजिटल तकनीक में इतनी विविधता आ गई है कि उसे लगातार सीखते रहना पड़ता है. जितना हम तकनीक को जानेंगे, उतना ही हमारा प्रोडक्शन बेहतर होता जायेगा.
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारम्भ महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल, महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के सचिव तथा महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. अमित अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत की गरिमामय उपस्थिति में किया गया. अपने संबोधन में महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने कहा कि मीडिया का स्वरूप आज बहुत तकनीक आधारित हो गया है. इसीलिए यह मल्टीमीडिया बन गया है ऐसे में युवाओं को इसकी तकनीक के साथ गति मिलाना सबसे बड़ी चुनौती है. वहीँ महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के सचिव एवं महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि महाविद्यालय में विभिन विषयों पर केन्द्रित आयोजन होते रहते हैं, लेकिन आज की कार्यशाला मीडिया प्रशिक्षुओं के लिए निश्चित ही बेहद उपयोगी है. प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने सभी वक्ताओं का अभिनन्दन करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में नवाचार और कौशल विकास के तहत ऐसे आयोजन हमेशा युवाओं को आकर्षित करते हैं. इस अवसर पर पत्रकारिता संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ आकांक्षा दुबे ने सभी वक्ताओं को उनकी सहभागिता के लिए साधुवाद दिया. कार्यशाला के अलग अलग सत्रों का संचालन पत्रकारिता संकाय के प्राध्यापक प्रो. विभाष कुमार झा, प्रो ऋतुलता तारक तथा प्रो ऋषिका सोनी ने किया। वहीँ विषय प्रवेश विभागाध्यक्ष डॉ आकांक्षा दुबे ने किया. इस अवसर पर सभी अतिथियों का महाविद्यालय परिवार की ओर से अभिनन्दन किया गया. इसमें सभी प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही.




