
भिलाई। संगीत प्रेमियों के लिए भिलाई में एक खास शाम का आयोजन होने जा रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा 24 जुलाई (शुक्रवार) को महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर में “सुमन की आशा” संगीतमय संध्या आयोजित की जाएगी।
यह विशेष कार्यक्रम भारतीय फिल्म संगीत की दो महान पार्श्वगायिकाओं पद्मविभूषण आशा भोसले और पद्मभूषण सुमन कल्याणपुर के अमर गीतों को समर्पित होगा।
शाम 7:30 बजे शुरू होगा कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन—
- स्थान: महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर, भिलाई
- समय: शाम 7:30 बजे से
किया जाएगा। इस संगीत संध्या में दोनों महान गायिकाओं के दशकों लंबे संगीत सफर के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।
कलाकार देंगे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति
इस खास अवसर पर अंचल के प्रसिद्ध कलाकार अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे।
प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं—
- अंजलि शुक्ला
- गौतमी चक्रवर्ती
- सुमीता सरकार
- अनुष्का पाण्डेय
- सोमा कश्यप
- चलपति राव
- जगमोहन
ये कलाकार आशा भोसले और सुमन कल्याणपुर के लोकप्रिय फिल्मी गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत करेंगे।
1970 के दशक से लेकर सुनहरे दौर के गीत
कार्यक्रम में वर्ष 1970 के दशक से लेकर दोनों महान गायिकाओं के गौरवपूर्ण संगीत सफर के कई यादगार गीतों को शामिल किया गया है।
दर्शकों को इस दौरान—
- पुराने हिंदी फिल्म संगीत की मिठास।
- सदाबहार धुनों का आनंद।
- शानदार गायकी और लाइव संगीत का अनुभव।
मिलेगा।
अनुभवी संगतकार देंगे लाइव संगीत
इस संगीतमय आयोजन को अंचल के अनुभवी और प्रतिष्ठित संगतकारों द्वारा लाइव संगीत के माध्यम से विशेष गरिमा प्रदान की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम संगीत प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।
प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में सभी संगीत प्रेमियों और दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।
संयंत्र प्रबंधन ने नगरवासियों और संगीत प्रेमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस सुरमयी शाम का आनंद लें।
प्रमुख बातें
- “सुमन की आशा” संगीतमय संध्या का आयोजन 24 जुलाई को।
- कार्यक्रम आशा भोसले और सुमन कल्याणपुर के गीतों को समर्पित।
- स्थान: महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर।
- समय: शाम 7:30 बजे।
- प्रवेश नि:शुल्क।
- स्थानीय कलाकार देंगे विशेष प्रस्तुति।




