

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर थाना पुलिस ने BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए कथित रूप से संचालित नेटवर्क का खुलासा करते हुए मुख्य एडमिन बताए जा रहे आरोपी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और दूसरे डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान पुलिस को ऑनलाइन सट्टा आईडी, स्क्रीनशॉट, चैट और डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
पुलिस ने यह भी बताया कि जांच में संबंधित बैंक खातों में 30 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है। इसके अलावा USDT जैसे डिजिटल एसेट के जरिए रकम के आदान-प्रदान से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस के मुताबिक, इन सभी वित्तीय लेनदेन का सट्टे से संबंध विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
साइबर थाना जांजगीर को सूचना मिली थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव मोबाइल फोन के जरिए कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।
सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में दबिश दी और हेमलाल यादव उर्फ सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हेमलाल ने BDG नामक ऑनलाइन सट्टा गेम से जुड़े होने की जानकारी दी। उसने कथित तौर पर बताया कि उसे सट्टे की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू से मिली थी।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल से मिली जानकारी के आधार पर शैलेंद्र कुमार शर्मा को हिरासत में लिया।
शैलेंद्र को पुलिस ने बताया मुख्य एडमिन
पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान शैलेंद्र की भूमिका नेटवर्क के मुख्य एडमिन के रूप में सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र के पास BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी और लिंक थे। वह कथित तौर पर इन लिंक और आईडी को व्हाट्सएप के जरिए दूसरे लोगों तक पहुंचाता था।
जांच में नेटवर्क के संचालन का तरीका भी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर मार्केटिंग मॉडल की तरह काम कर रहा था।
- लिंक के जरिए नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने पर कमीशन मिलता था।
- नीचे जुड़े व्यक्ति के सट्टे में रकम लगाने पर भी ऊपर के स्तर के एडमिन को कथित तौर पर कमीशन मिलता था।
- व्हाट्सएप के जरिए आईडी और लिंक साझा किए जाते थे।
- मोबाइल फोन में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले।
चार अन्य आरोपियों तक पहुंची पुलिस
शैलेंद्र से पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- हेमलाल यादव उर्फ सोनू (47) — न्यू चंदनियापारा लिंक रोड, जांजगीर
- शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू (45) — शंकर विहार कॉलोनी लिंक रोड
- महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश (47) — न्यू चंदनियापारा वार्ड-7
- राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू (45) — अकलतरा रोड
- दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु (45) — पुराना चंदनियापारा लिंक रोड
- हीरालाल यादव (47) — न्यू चंदनियापारा लिंक रोड
पुलिस का दावा है कि आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट और व्हाट्सएप चैट जैसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
करीब 20 लाख के सट्टे का दावा
पुलिस के मुताबिक, मुख्य एडमिन बताए गए शैलेंद्र के माध्यम से अब तक करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेला गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने लिंक के जरिए कितने अन्य लोगों को नेटवर्क से जोड़ा था।
अब जांच का फोकस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान और इसके संभावित विस्तार पर है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस एंगल से भी जांच की जा रही है।
USDT और 30 लाख से ज्यादा के लेनदेन की जांच
इस पूरे मामले में डिजिटल और वित्तीय लेनदेन पुलिस की जांच का अहम हिस्सा है।
पुलिस के अनुसार, व्हाट्सएप चैट के अलावा USDT के जरिए रकम के आदान-प्रदान से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। संबंधित बैंक खातों में 30 लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन का पता चलने की बात कही गई है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि खातों में मिले पूरे लेनदेन को ऑनलाइन सट्टे से जोड़ना अभी अंतिम रूप से तय नहीं है। इसके लिए विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है।
जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस
पुलिस के अनुसार, छहों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं। इन मोबाइल उपकरणों में मौजूद कथित सट्टा आईडी, स्क्रीनशॉट, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
संदिग्ध APK से भी सावधान रहने की अपील
साइबर पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन सट्टा और जुआ ऐप के झांसे से बचने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर जागृति कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने के खतरों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन सट्टा, जुआ या संदिग्ध ऐप के जरिए पैसे कमाने के लालच में न आएं। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड करने से भी बचें।
आगे क्या?
BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क मामले में पुलिस की डिजिटल और वित्तीय जांच अभी जारी है। दूसरे राज्यों से संभावित कनेक्शन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के संचालन में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप लिंक, डिजिटल एसेट और बैंक लेनदेन जैसे पहलुओं की जांच का दायरा बढ़ गया है।



