कवयित्री स्मृति दुबे के काव्य संग्रह ‘करुणप्रकाश’ का हुआ का विमोचन

रायपुर। पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित साहित्य उत्सव के तृतीय दिवस पर ‘लाला जगदलपुरी मंडप’ में शब्द और संवेदनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान ‘पत्रकारिता और साहित्य’ विषय पर आयोजित विशेष परिचर्चा के मध्य कवयित्री स्मृति दुबे के नवीन कविता संग्रह ‘करुणप्रकाश’ का भव्य विमोचन संपन्न हुआ। इस गौरवमयी क्षण के साक्षी देश के प्रतिष्ठित बौद्धिक हस्ताक्षर रहे। इन गणमान्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा पुस्तक का लोकार्पण किया गया।
विमोचन के अवसर पर वक्ताओं ने पत्रकारिता की तटस्थता और साहित्य की तरलता के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा किए। अतिथियों ने ‘करुणप्रकाश’ की कविताओं में निहित मानवीय संवेदनाओं और भाषाई शुद्धता की सराहना करते हुए इसे समकालीन साहित्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन उत्कृष्ट संचालिका श्रीमती शुभा मिश्रा ‘कनक’ द्वारा किया गया, जबकि संपूर्ण आयोजन के सूत्रधार श्री विभाष झा रहे।


