हसबेंड की क्वीन नहीं बन सकी: बैंक अफसर की पत्नी ने दहेज प्रताड़ना के आरोप में आत्महत्या की, सुसाइड नोट में खुलासा

यूपी के वाराणसी में शुक्रवार दोपहर में एक बैंक अफसर की पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या से पहले छह पेज का सुसाइड नोट उसने अपने मायके वालों को व्हाट्सऐप पर भेजा था। काजल का पति नितेश कुमार सिंह बैंक ऑफ इंडिया की मलदहिया शाखा में असिस्टेंट मैनेजर है। उधर, महिला की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
चंदौली के सकलडीहा के शिवगढ़ की काजल राय की शादी 16 नवंबर 2024 को नितेश कुमार सिंह से हुई थी। मायके वालों के मुताबिक शादी के तीन-चार माह बाद ही काजल की प्रताड़ना शुरू हो गई। कई बार मारपीट और पारिवारिक सुलह-समझौते के बीच बीते 26 जनवरी को मायके से काजल ससुराल आई थी। आरोप है कि 7 फरवरी को उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में पीड़िता ने 9 फरवरी को पति समेत जेठ विवेक कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, जेठानी प्रिया सिंह, आंचल सिंह और सास कनकलता सिंह पर शिवपुर थाने में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। इसके बाद ससुरालियों ने उसे घर में अकेला छोड़ दिया था।
उधर, सुसाइड नोट के आधार पर मायकेवालों ने 112 पर सूचना दी, खुद भी पहुंचे। कमरे में विवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला। शिवपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में काजल राय के पिता नीरज राय की तहरीर पर शिवपुर थाने में पति नितेश कुमार सिंह, जेठ, विवेक सिंह और अभिषेक सिंह, जेठानी प्रिया सिंह और आंचल सिंह, ननद नीतू सिंह, सास कनक लता सिंह, नरेंद्र प्रकाश सिंह, अमित, अनूप, प्रमिला पर दहेज हत्या, छेड़खानी आदि धारा में केस दर्ज हुआ है।
हसबेंड की क्वीन नहीं बन सकी…सुसाइड नोट में लिखी ये बातें
काजल ने सुसाइड में बेहद मार्मिक बातें लिखी हैं। वह भी अपने पति की क्वीन बनना चाहती थी लेकिन दहेज प्रताड़ना के कारण उसके अरमान अधूरे रह गए। काजल ने छह पेज के सुसाइड नोट के अंत में लिखा है… पापा की प्रिंसेज… हसबेंड की क्वीन न बन सकी। सुसाइड नोट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस आयुक्त के नाम से है। सुसाइड नोट में लिखा था कि मां-बाप ने बड़े लाड प्यार से पाला था, लेकिन वह प्यार ससुराल से नहीं मिला। दहेज में कार और नगदी की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। यहां तक कि उसके पति ने तलाक के लिए अर्जी दे दी थी।
24 नवंबर 2025 को तलाक का पेपर दाखिल करने के बाद उसे और प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन उसे घर में बंद कर बाहर से ताला लगाकर ससुराली चले जाते थे। कई-कई दिनों तक वह घर में बंद रहती थी। जेठानी ने करंट लगाकर उसे मारने का प्रयास भी किया था। काजल के चाचा अंबुज राय ने बताया कि शादी के तीन माह बाद ही भतीजी को प्रताड़ित किया जाने लगा। इसके बाद उसे खर्च भी नहीं दिया जाता था। मायके पक्ष से उसे पैसे भेजे जाते थे, जिससे उसका खर्चा चलता था। सुसाइड नोट के अंत में उसने पति, जेठ, जेठानियों, सास, ननद का नाम लिखा है। इन्हें ही मानसिक और घरेलू उत्पीड़न का जिम्मेदार माना है। वह तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। माता नीलू देवी बेटी की खबर से हतप्रभ थी।
नौ फरवरी को दर्ज केस में ये थे आरोप
काजल ने बीते 9 फरवरी को पति समेत ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। 12 अक्तूबर 2024 को रिंग सेरेमनी प्रेस्टीज होटल से हुई। पति को हीरे की अंगूठी, चांदी के बर्तन, पूरे परिवार को कपड़ा दिया गया। साढ़े तीन लाख होटल का खर्च पिता ने खर्च किया। 16 नवंबर 2024 को शादी की तारीख तय हुई। शादी के पहले ही नितेश के बड़े भाई विवेक कुमार सिंह और अभिषेक कुमार सिंह ने काजल के चाचा एवं पिता को फोनकर दहेज की मांग करने लगे। कहा कि 20 लाख रुपये कैश और 40 लाख रुपये की ज्वेलरी नहीं देने पर बरात नहीं लाएंगे।




