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69000 OBC-दलित शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का तपती सड़क पर प्रदर्शन, पुलिस ने खदेड़ा

उत्तर प्रदेश में 69000 OBC-दलित शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

लखनऊ में सोमवार को उत्तर प्रदेश की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित ओबीसी और दलित अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी में तपती सड़क पर पेट के बल रेंगकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास के बाहर हुआ।

भीषण गर्मी और तपती सड़क के बावजूद अभ्यर्थियों का धैर्य देखकर आम लोग भी स्तब्ध रह गए। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी कर सरकार और सुप्रीम कोर्ट में जल्द न्याय की मांग की।


पुलिस की कार्रवाई

  • भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
  • अभ्यर्थियों को इको गार्डन धरना स्थल पर बसों के माध्यम से भेजा गया।
  • प्रशासन ने सड़क और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी।

आंदोलन के पीछे कारण

  • अभ्यर्थियों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार आरक्षित वर्गों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी लड़ाई में ढुलमुल रवैया अपना रही है।
  • कई सालों से मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित अभ्यर्थियों का गहरा आक्रोश।
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को भावुक पत्र भेजकर समाधान की गुहार।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

  • आगामी 19 मई 2026 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ के समक्ष मामला सुना जाएगा।
  • अदालत ने पहले निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार को आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों के भविष्य और समायोजन पर स्पष्ट नीति प्रस्तुत करनी होगी।
  • इस सुनवाई में सरकार को अपना अंतिम पक्ष रखना है।

याची लाभ: समाधान का आसान रास्ता

  • आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि ‘याची लाभ’ ही न्यायसंगत और सुरक्षित तरीका है।
  • इस फॉर्मूले के तहत वर्तमान शिक्षक अपनी नौकरी और वेतन में सुरक्षित रहेंगे।
  • वर्षों से इंतजार कर रहे आरक्षण पीड़ित मेधावी अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र के माध्यम से न्याय मिलेगा।

सारांश बुलेट पॉइंट्स

  • 69000 OBC-दलित शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने लखनऊ की सड़कों पर पेट के बल रेंगकर प्रदर्शन किया।
  • पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा।
  • आंदोलन की वजह आरक्षण विवाद और सरकार की नीतियों में ढुलमुल रवैया
  • सुप्रीम कोर्ट में 19 मई को सुनवाई तय।
  • अभ्यर्थियों का समाधान प्रस्ताव: याची लाभ, जिससे वर्तमान और भविष्य के शिक्षक सुरक्षित रहें।

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