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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर हमला, कहा- गेरुआ कपड़े का गलत इस्तेमाल हो रहा है

आगरा. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्ठि यात्रा रविवार को आगरा पहुंची. इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया. उन्होंने साफ किया कि उनकी ओर से चलाई जा रही इस राष्ट्रव्यापी जन-जागरण यात्रा (गविष्ठि यात्रा) किसी के खिलाफ नहीं है. इसका एकमात्र मुख्य उद्देश्य गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करवाना है.

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कई विषयों पर अपनी बात रखी. उन्होंने गेरुआ चोला को लेकर कहा कि ये दोनों चीजें और विचारधाराएं आपस में बिल्कुल मैचिंग नहीं हैं, ये मिसमैच है. जो नौ साल से चल रहा है. शरीर पर कपड़ा अलग पवित्रता का पहना जा रहा है और पर्दे के पीछे काम बिल्कुल इसके विपरीत किया जा रहा है. गेरुआ कपड़ा लजा रहा है. साल 2008 और 2016 में हमारे ही इसी गौ-आंदोलन के मंच पर तब योगी जी बतौर सांसद खुद आए थे और उन्होंने इसे बेहद जरूरी बताया था.

योगी से नहीं नीतियों से कर रहे सवाल- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी ने कहा कि ये लोग आज राष्ट्रभक्त मुस्लिमों से भी पूरी तरह गए-बीते साबित हो चुके हैं. आज इन भाजपाइयों के राज में भारत पूरी दुनिया में गौमांस और मीट के निर्यात में सबसे बड़ा देश बन गया है, जो देश कभी ‘विश्व गुरु’ था, वह आज दुनिया का सबसे बड़ा कसाई सिद्ध हो रहा है. उन्होंने ये भी साफ किया कि उनका सवाल किसी व्यक्ति विशेष या सीएम योगी से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों से है. लेकिन ये इस प्रदेश की सबसे बड़ी और कड़वी विडंबना है कि एक तरफ सूबे की गद्दी पर गेरुआ कपड़ा पहनने वाले योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में विराजमान हैं, तो दूसरी तरफ उनका राज्य मीट एक्सपोर्ट में देश में नंबर वन है.

हमारी यात्रा किसी पार्टी के खिलाफ नहीं- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ किया कि हमारी यह यात्रा किसी विशेष राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है. हमारा मूल उद्देश्य बस इतना ही है कि संसद द्वारा अध्यादेश लाकर गाय को देश की राष्ट्रमाता घोषित किया जाए. उन्होंने कहा कि हम यहां महज एक सरकार को कुर्सी से हटाकर दूसरी सरकार बनाने की तुच्छ बात करने नहीं आए हैं. हम केवल सत्ता का कंधा बदलने या नागनाथ की जगह सांपनाथ को लाने की वकालत करने के उद्देश्य से जनता के बीच नहीं घूम रहे हैं. हम संतों का सम्मान करने वाली अच्छी भाजपा को खुले दिल से स्वीकार करते हैं और गलत नीतियों वाली भाजपा का पुरजोर विरोध करते हैं.

शंकराचार्य के लगातार अपमान का आरोप

स्वामी ने सनातन परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि आदि काल से ही शंकराचार्यों का सम्मान देश में सभी करते आए हैं. लेकिन आज सत्ता के शीर्ष पर बैठा एक व्यक्ति अपने घोर अहंकार में चूर होकर सर्वोच्च पीठ का निरंतर अपमान कर रहा है. शंकराचार्य ने कहा कि संतों का ऐसा घोर अपमान तो इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने भी नहीं किया था.

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