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बालोद में अवैध खनिज परिवहन पर बड़ा एक्शन! 10 वाहन जब्त, रेत-मिट्टी माफियाओं में मचा हड़कंप

बालोद, छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 वाहनों को जब्त किया है। खनिज विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रेत और मिट्टी परिवहन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम द्वारा गुरूर, बालोद और गुंडरदेही क्षेत्रों में की गई औचक जांच के दौरान सामने आई।

औचक निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

खनिज विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन करते पाए गए।

कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:

  • गुरूर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान
  • बालोद और गुंडरदेही में औचक निरीक्षण
  • अवैध रेत परिवहन के कई मामले उजागर
  • मिट्टी परिवहन में भी अनियमितताएं मिलीं
  • कुल 10 वाहनों को जब्त किया गया

अधिकारियों के अनुसार सभी मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है।

किन वाहनों को किया गया जब्त?

खनिज विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में विभिन्न प्रकार के वाहन शामिल हैं।

जब्त वाहनों में:

  • रेत से भरे 5 हाईवा
  • 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली
  • मिट्टी से भरे 2 अन्य वाहन

प्राथमिक जांच में इन वाहनों के पास आवश्यक अनुमति या वैध परिवहन दस्तावेज नहीं पाए गए।

कहां रखे गए जब्त वाहन?

कार्रवाई के बाद सभी वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है।

प्रशासन द्वारा:

  • कुछ वाहनों को आरक्षी केंद्र बालोद में रखा गया
  • कुछ वाहन थाना गुंडरदेही की निगरानी में हैं
  • अन्य वाहनों को थाना सनौद की अभिरक्षा में रखा गया है

आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक वाहन प्रशासनिक नियंत्रण में रहेंगे।

किन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई?

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई के लिए:

  • खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।
  • दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
  • अवैध परिवहन में शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

जिला प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। अवैध उत्खनन और परिवहन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि:

  • अवैध खनन पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।
  • बिना अनुमति खनिज परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
  • भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
  • नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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