
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एटीएम के अंदर मदद करने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठग ने पहले पीड़ित का एटीएम पिन देख लिया और फिर चालाकी से उसका एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके बाद आरोपी ने कुछ ही मिनटों में खाते से चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 40 हजार रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बैंक पहुंचकर अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में
शिकायत दर्ज कराई। मामले में सकरी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित जगदीश प्रसाद राठौर ग्राम परसदा (भरनी) के निवासी हैं और केंद्रीय रेशम बोर्ड परसदा में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वह सकरी बाजार चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एटीएम में नकदी निकालने पहुंचे थे।
इसी दौरान एटीएम के अंदर पहले से मौजूद करीब 30 से 35 वर्षीय एक युवक ने उनसे बातचीत शुरू की और स्वयं को मददगार बताते हुए एटीएम मशीन के उपयोग में सहायता करने की बात कही। आरोपी ने जगदीश प्रसाद राठौर से कहा कि मशीन में दोबारा एटीएम कार्ड डालकर पिन दर्ज करें। पीड़ित ने उसकी बातों पर भरोसा कर ऐसा ही किया। इसी दौरान आरोपी ने बड़ी चालाकी से उनका एटीएम पिन देख लिया। इसके बाद मौका मिलते ही उसने असली एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड पीड़ित को थमा दिया। पूरी घटना इतनी सफाई से अंजाम दी गई कि उस समय पीड़ित को कार्ड बदले जाने की भनक तक नहीं लगी। एटीएम से बाहर निकलने के बाद जगदीश प्रसाद राठौर गनियारी स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम पहुंचे। वहां जब उन्होंने अपने कार्ड से पैसे निकालने की कोशिश की तो कार्ड काम नहीं कर रहा था। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर खाते से 10 हजार रुपये निकाले जाने का संदेश आया। इसके बाद लगातार चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 40 हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए। धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित तुरंत बैंक पहुंचे और अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक कराया।
ताकि खाते से आगे कोई और राशि नहीं निकाली जा सके। इसके बाद उन्होंने सकरी थाना पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सकरी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब एटीएम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवक की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में एटीएम के बाहर और अंदर सक्रिय ऐसे ठग लोगों की मदद करने का नाटक कर उनके बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं। कई मामलों में आरोपी पहले पिन देख लेते हैं और फिर कार्ड बदलकर खाते से रकम निकाल लेते हैं। इसलिए एटीएम का उपयोग करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचना चाहिए। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि एटीएम का पिन दर्ज करते समय कीपैड को हाथ से ढंकें, किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कार्ड या पिन साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल बैंक तथा पुलिस को सूचना दें। समय रहते सतर्कता बरतने से इस प्रकार की साइबर और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।




