
उत्तर बस्तर कांकेर, राज्य शासन द्वारा दिए गए निर्देशानुसार राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के तहत जिले में 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बून्द खुराक पिलाकर प्रतिरक्षित किया जाएगा। इस अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन टीकाकर्मी दल द्वारा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाई जाएगी।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में इस संबंध में आज जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बताया गया कि पल्स पोलिया टीकाकरण अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 76,544 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1,281 पोलियो बूथ बनाए गए हैं तथा 3,155 बूथ टीकाकर्मी दलों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 1,274 घर-घर भ्रमण दल सदस्य तथा 31 ट्रांजिट टीम सदस्य तैनात किए जाएंगे। बताया गया कि पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के पिछले चरण में जिले में 76,967 बच्चों के लक्ष्य के विरुद्ध 76,940 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई थी, जो लगभग 96.06 प्रतिशत उपलब्धि रही।
अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के सभी विकासखण्डों के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए पोलियो बुथ एवं आवश्यक टीम गठित की गई है। विकासखण्ड अंतागढ़ में 228 पोलियो बुथ में 460 टीकाकर्मी दल, भानुप्रतापपुर में 130 पोलियो बुथ में 441 टीकाकर्मी दल, चारामा में 111 पोलियो बुथ में 422 टीकाकर्मी, दुर्गूकोंदल में 147 पोलियो बुथ में 320 टीकाकर्मी, कांकेर ग्रामीण में 134 पोलियो बुथ में 337 टीकाकर्मी दल, कोयलीबेड़ा में 372 पोलियो बुथ में 720 टीकाकर्मी, नरहरपुर में 135 पोलियो बुथ में 370 टीकाकर्मी दल और कांकेर शहरी में 24 पोलियो बुथ में 85 टीकाकर्मी दल नियुक्त किया गया है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर से बी.ओ.पी.वी. वैक्सीन की 96 हजार खुराकें प्राप्त हो चुकी हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाएं।
उल्लेखनीय है कि 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो-मुक्ति का प्रमाण-पत्र मिलना एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय उपलब्धि है। तब से भारत 14 वर्ष से अधिक समय से पोलियो-मुक्त है। विश्व स्तर पर वाइल्ड पोलियो वायरस का प्रसार अभी भी बच्चों को प्रभावित कर रहा है, जिसमंे भारत के कुछ पड़ोसी देश भी शामिल हैं, जिससे रोग के पुनः संक्रमण का जोखिम बना हुआ है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर अंतागढ़ श्री ए.एस. पैकरा, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ओ.पी. शंखवार सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।




