
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (CM विजय) के निजी जीवन से जुड़ा चर्चित तलाक मामला फिलहाल समाप्त हो गया है। उनकी पत्नी संगीता ने चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में दायर अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान संगीता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत को अपना फैसला बताया, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए मामले को बंद कर दिया। करीब 15 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संगीता से उनके निर्णय के संबंध में पूछताछ की और याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही तलाक की कार्यवाही समाप्त हो गई।
फरवरी 2026 में दायर की थी तलाक की याचिका
संगीता ने फरवरी 2026 में चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने अपने पति पर विवाहेतर संबंध (Extra Marital Affair) का आरोप लगाया था। हालांकि, अदालत में दायर याचिका में किसी अभिनेत्री का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया गया था।
याचिका में लगाए गए थे ये आरोप
अदालती दस्तावेजों के अनुसार संगीता ने दावा किया था कि:
- वर्ष 2021 में उन्हें कथित विवाहेतर संबंध की जानकारी मिली।
- इसके बाद उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।
- पति-पत्नी के रिश्तों में दूरी बढ़ती गई।
- पारिवारिक जीवन प्रभावित हुआ।
- बच्चों पर भी इसका असर पड़ा।
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री विजय की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।
चुनाव के दौरान चर्चा में रहा था मामला
तलाक याचिका ऐसे समय चर्चा में आई थी जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव चल रहे थे। बाद में विजय मुख्यमंत्री बने और यह मामला लगातार मीडिया की सुर्खियों में बना रहा। अदालत ने पहले सुनवाई को कई बार स्थगित करते हुए 7 अगस्त 2026 की तारीख तय की थी।
अब कोर्ट ने किया मामला समाप्त
शुक्रवार की सुनवाई में संगीता ने स्पष्ट रूप से अपनी याचिका वापस लेने की इच्छा जताई। इसके बाद फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी वापस लेने की अनुमति देते हुए मामले को समाप्त कर दिया। फिलहाल अदालत के रिकॉर्ड में तलाक की यह कार्यवाही बंद हो चुकी है।
अभिनेत्री के साथ नाम जुड़ने पर नहीं आया आधिकारिक बयान
बीते कुछ समय से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में मुख्यमंत्री विजय का नाम अभिनेत्री Trisha Krishnan के साथ जोड़ा जाता रहा है। हालांकि, इन अटकलों पर न तो विजय और न ही अभिनेत्री की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी किया गया है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, अदालत में लंबित तलाक की कार्यवाही समाप्त हो चुकी है और याचिका वापस लेने के बाद यह मामला कानूनी रूप से बंद हो गया है।


