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फर्जी जमीन पट्टा बनाकर होम लोन लेने की कोशिश नाकाम: दुर्ग में आरोपी गिरफ्तार, बैंक जांच में खुला पूरा खेल

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए होम लोन हासिल करने की कोशिश का मामला सामने आया है। नकली जमीन पट्टा और पंचायत का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर बैंक से आवास ऋण लेने का प्रयास किया गया, लेकिन दस्तावेजों की जांच के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

यह मामला Ranitarai थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।

📌 सरपंच की शिकायत से खुला मामला

जानकारी के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम पंचायत Teligundra की सरपंच Huleshwari Sahu ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि गांव के निवासी Dhaneshwar Kumar Nirmalkar ने लगभग 1800 वर्गफुट जमीन का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आवास ऋण के लिए आवेदन किया था।

🏦 बैंक जांच में सामने आई गड़बड़ियां

आरोपी ने होम लोन के लिए आवेदन Aadhar Housing Finance Limited

में जमा किया था।

बैंक की प्रारंभिक जांच के दौरान दस्तावेजों में कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं, जिनमें शामिल थीं:

  • जमीन के रिकॉर्ड और दस्तावेजों में अंतर
  • पंचायत प्रमाण पत्र की सत्यता पर सवाल
  • फर्जी मुहर और प्रमाणन
  • रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते दस्तावेज

बैंक ने संदेह होने पर लोन आवेदन को तत्काल खारिज कर दिया और आगे की प्रक्रिया रोक दी।

🔎 पुलिस जांच में हुआ खुलासा

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पंचायत रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों के बयानों का सत्यापन किया।

जांच में सामने आया कि:

  • पंचायत कार्यालय ने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था।
  • जमीन पट्टा सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता था।
  • दस्तावेजों पर लगी मुहर और हस्ताक्षर फर्जी थे।
  • दस्तावेज योजनाबद्ध तरीके से तैयार किए गए थे।

👮 आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

फिलहाल आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

⚠️ क्या किसी और की भी भूमिका है?

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि:

  • फर्जी दस्तावेज तैयार करने में और कौन-कौन शामिल था?
  • क्या यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है?
  • क्या इसी तरीके से अन्य मामलों में भी धोखाधड़ी की गई है?

जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

📋 लोगों के लिए प्रशासन की सलाह

प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

  • किसी भी बैंकिंग या वित्तीय प्रक्रिया में केवल वैध दस्तावेजों का ही इस्तेमाल करें।
  • फर्जी प्रमाण पत्र या रिकॉर्ड का उपयोग कानूनी अपराध है।
  • दस्तावेजों की सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।

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