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इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, स्कूल समेत 4 स्थानों से लिए गए 17 खाद्य सैंपल

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और FoSCoS पोर्टल पर मिली शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने स्कूलों और अन्य खाद्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने चार अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के कुल 17 सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को मिल रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच करना और खाद्य मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और किचन की व्यवस्था की जांच की गई।

शिकायत के बाद वेदांत इंटरनेशनल स्कूल में जांच

अधिकारियों ने बताया कि छोटा बांगड़दा रोड स्थित वेदांत इंटरनेशनल स्कूल में एक अभिभावक की शिकायत के बाद जांच की गई। शिकायत में स्कूल में विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर किचन और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने खाने की गुणवत्ता की जांच के लिए चार खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इनमें काले चने, पके हुए चावल, मंचूरियन और काला नमक शामिल हैं।

इन सभी सैंपलों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुसार थे या नहीं।

मंचूरियन में मिला MSG का इस्तेमाल

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्कूल की रसोई में विद्यार्थियों को परोसे जा रहे मंचूरियन में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) के इस्तेमाल की जानकारी मिली। अधिकारियों के अनुसार, खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए MSG का उपयोग किया जा रहा था।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इस संबंध में जानकारी दर्ज की है और सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किचन में मिले सड़े हुए आलू

निरीक्षण के दौरान स्कूल के किचन में कुछ सड़े हुए आलू भी पाए गए। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खराब आलू को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चार स्थानों से लिए गए 17 सैंपल

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शिकायतों के आधार पर चार अलग-अलग स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल 17 खाद्य नमूने एकत्र किए गए।

इन सैंपलों में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल हैं, जिनकी जांच यह पता लगाने के लिए की जाएगी कि उनमें मिलावट, खराब गुणवत्ता या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व तो मौजूद नहीं हैं।

अधिकारियों ने बताया कि खाद्य नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों में भोजन व्यवस्था पर बढ़ी निगरानी

स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी बढ़ा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण स्कूलों की कैंटीन और किचन की नियमित जांच जरूरी है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि भोजन तैयार करने वाली जगह पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा खाद्य सामग्री की खरीद, भंडारण और उपयोग में भी नियमों का पालन किया जाए।

शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

प्रशासन का कहना है कि कलेक्टर हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और FoSCoS पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान, स्कूल कैंटीन या अन्य स्थान पर खराब गुणवत्ता का भोजन मिलता है तो इसकी शिकायत संबंधित माध्यमों से करें।

लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई

फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए सभी 17 सैंपल जांच प्रक्रिया में हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यदि जांच में खाद्य सामग्री में गड़बड़ी, मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्था के खिलाफ जुर्माना लगाने से लेकर अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन स्कूलों और खाद्य संस्थानों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सतर्क है और बच्चों तथा आम नागरिकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है।

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