
नई दिल्ली। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्या मामले और उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद दिल्ली की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कोर्ट के फैसले के करीब 20 घंटे बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर पहली प्रतिक्रिया दी।
केजरीवाल ने कहा कि ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी से काफी पहले ही निष्कासित किया जा चुका था। उन्होंने इस मामले को लेकर बिना नाम लिए भाजपा और एआईएमआईएम पर भी निशाना साधा।
केजरीवाल बोले- AAP से कोई संबंध नहीं
भाजपा नेता अमित मालवीय की टिप्पणी का जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि ताहिर हुसैन को पार्टी से पहले ही बाहर कर दिया गया था और वर्तमान में उनका आम आदमी पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
केजरीवाल ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन बाद में भाजपा की सहयोगी पार्टी में शामिल हो गए थे। हालांकि उन्होंने किसी दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
भाजपा ने AAP नेतृत्व पर साधा निशाना
अदालत के फैसले के बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दोषसिद्धि के बाद भी AAP नेताओं की प्रतिक्रिया आने में देरी हुई।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने सवाल किया कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे नेताओं ने तुरंत प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी।
भाजपा का कहना है कि इस मामले में AAP नेतृत्व को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
AAP ने दोहराया पुराना रुख
आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद ही उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
AAP के अनुसार—
- ताहिर हुसैन को 2020 में ही पार्टी से अलग कर दिया गया था।
- इसके बाद उनका पार्टी से कोई संगठनात्मक संबंध नहीं रहा।
- पार्टी ने कानून की प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही है।
अमानतुल्लाह खान ने जताई उम्मीद
AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने ताहिर हुसैन मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उच्च अदालत में न्याय मिलेगा।
उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही।
2020 दिल्ली दंगों से जुड़ा मामला
ताहिर हुसैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए थे। इस मामले ने उस समय दिल्ली की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा किया था।
अब अदालत के फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद भाजपा और आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं। भाजपा इसे AAP पर हमला करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि AAP लगातार यह दावा कर रही है कि आरोपी को पार्टी से पहले ही बाहर किया जा चुका था।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के अंतिम फैसले पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।




