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बिलासपुर बाढ़: 20 साल बाद शहर में बने बाढ़ जैसे हालात, कई इलाके जलमग्न, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। करीब 20 साल बाद शहर में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में पानी भर गया है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन और SDRF की टीमें रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

बारिश का असर आम जनजीवन के साथ-साथ रेल और सड़क यातायात पर भी पड़ा है। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। वहीं स्कूलों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है।

शहर के कई इलाकों में भरा पानी, लोगों का रेस्क्यू

बिलासपुर में गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश रातभर तेज होती रही। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए।

सबसे ज्यादा परेशानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हुई। सरकंडा और चांटीडीह क्षेत्र में पानी भरने के बाद 40 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। कई जगह नावों की मदद से लोगों को रेस्क्यू किया गया।

  • सरकंडा के बंधवापारा इलाके में नाव से लोगों को निकाला गया।
  • दोमुहानी में कई घर पानी से घिर गए।
  • कई परिवारों को रातभर मुश्किल हालात में रहना पड़ा।
  • निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

74 मिमी से ज्यादा बारिश, कई इलाकों में जलभराव

जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन 74.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सीपत क्षेत्र में सबसे ज्यादा 110.2 मिलीमीटर बारिश हुई है।

भारी बारिश के कारण:

  • सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
  • नाले उफान पर आ गए।
  • कई कॉलोनियों और मोहल्लों में पानी भर गया।
  • बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।

अरपा चेक डैम की नहर टूटने से देवरीखुर्द, मानिकपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी घुस गया है।

रेलवे ट्रैक डूबे, 5 MEMU ट्रेनें रद्द

भारी बारिश का असर रेलवे व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिलासपुर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है।

रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर:

  • 5 MEMU ट्रेनों को रद्द किया है।
  • 3 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है।

यात्रियों को रेलवे की ओर से अपडेट लेते रहने की सलाह दी गई है।

बिजली संकट गहराया, कई ट्रांसफॉर्मर डूबे

शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है।

बिजली बाधित होने से लोगों को पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था बहाल करने में जुटी हैं।

कलेक्टर बंगले में भी भरा पानी

बारिश की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर बंगले परिसर में भी पानी भर गया। नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर पानी निकालने के काम में लगी हुई है।

वहीं SDRF और प्रशासनिक टीम लगातार जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण कर रही है।

सड़कों पर 5 फीट तक बह रहा पानी

भारी बारिश के कारण बिलासपुर-मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थिति गंभीर हो गई है। कई जगह सड़क के ऊपर 4 से 5 फीट तक पानी बह रहा है, जिसके चलते आवागमन रोक दिया गया है।

इसके अलावा कोटमीसोनार क्षेत्र में लीलागर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है।

प्रशासन की अपील, घरों से बाहर निकलने से बचें

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बिना जरूरी काम के यात्रा न करें।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमों को तैनात किया गया है।

बिलासपुर में बनी यह स्थिति बताती है कि लगातार तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को चुनौती दे दी है। आने वाले समय में बारिश जारी रहने पर प्रशासन के सामने हालात संभालना बड़ी चुनौती हो सकती है।

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