
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। ग्वालियर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार नहीं करते हैं, तो भविष्य में प्रधानमंत्री से भी जवाब मांगा जाएगा और उनके खिलाफ भी इस्तीफे की मांग उठ सकती है।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में दिग्विजय सिंह का यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस लंबे समय से उठा रही थी मांग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस लगातार शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाती रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी लंबे समय से कर रही थी।
उन्होंने कहा कि अब यह खबर सामने आ रही है कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री के हाथ में है।
प्रधानमंत्री के फैसले पर टिकी निगाहें
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री इस्तीफा स्वीकार करते हैं तो इसे जनता की आवाज का सम्मान माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो:
- जनता प्रधानमंत्री से भी जवाब मांग सकती है।
- विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठाएगा।
- लोकतंत्र में जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दिग्विजय सिंह के अनुसार, सरकार को जनता की भावनाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने इस दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि:
- वे शिक्षा विभाग से जुड़ी संसदीय समिति के सदस्य रह चुके हैं।
- अपने कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कई अनियमितताएं देखी हैं।
- परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तियों के बदलाव से नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार से ही छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
लोकतंत्र की जीत बताया
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार, जब लगातार सवाल उठते हैं तो सरकार को जवाब देना पड़ता है।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि जनता और विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों का असर अब दिखाई देने लगा है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
दिग्विजय सिंह के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है। ऐसे में इस विषय पर अंतिम स्थिति सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
नोट: यह खबर दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए राजनीतिक बयान पर आधारित है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उससे जुड़े किसी भी निर्णय की पुष्टि संबंधित सरकारी घोषणा के बाद ही मानी जाएगी।




