
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लगाई जा रही शर्तें उन्हें मंजूर नहीं है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने दो टूक कहा कि सर्वोच्च अदालत की शर्तें उन्हें स्वीकार नहीं हैं और सरकार को उनकी मांगों को बिना किसी ‘किंतु-परंतु’ के पूरा करना चाहिए। हालांकि, दास ने कहा कि उनकी मांगों को पूरा करने के अलावा यदि सुप्रीम कोर्ट अतिरिक्त कुछ राहत दे तो उन्हें मंजूर होगा।
देश की सबसे बड़ी अदालत ने मंगलवार को उन प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्देश दिया, जिनकी उम्र 18 साल से कम है और जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की बर्बरता का आरोप लगाने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कई अंतरिम निर्देश जारी किए हैं।
सर्वोच्च अदालत की ओर से दिए गए निर्देशों पर सौरभ दास ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि उन्हें इस तरह की शर्तें मंजूर नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट यदि कुछ युवाओं के हित में कर रही है तो हम स्वागत करते हैं ऐसे आदेश का। लेकिन सुप्रीम कोर्ट जो कर रही है अपने हिसाब से कर रही है, करती रहे। हम लोग जमीन पर थे, बहुत दिनों से। हमारी कुछ मांगें थीं, उन्हें पूरी होनी चाहिए यह सबसे महत्वपूर्ण है। हमने मांग की थी कि सभी लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस होंगे और भविष्य में भी कोई कार्रवाई नहीं होगी। जितने भी लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया तो उन्हें छोड़ना चाहिए। हमने यह नहीं कहा कि कोई नाबालिग है तभी छोड़िए, या पहले से एफआईआर है तो मत छोड़िए। सरकार को भी समझना चाहिए कि जो भरोसा दोनों मंत्रियों ने दिया था उन्हें पूरा करना चाहिए। अब यदि सुप्रीम कोर्ट कह रही है कि जिन पर पहले से एफआईआर है उन्हें मत छोड़िए, तो यह हमें मंजूर नहीं है। हमारी जो मांगें हैं वह साफ हैं और उसी के हिसाब से होना चाहिए।’
पहले से एफआईआर ना हो, शांतिपूर्ण प्रदर्शन आदि शर्तें मंजूर नहीं: CJP
सौरभ दास ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से भरोसा दिया गया था कि मंगलवार को आदेश जारी कर दिया जाएगा। सोमवार रात को उनकी वार्ताकारों से लंबी बात हुई और उन्होंने कहा, ‘हमने उनसे चर्चा की कि आदेश की भाषा क्या हो, हमें यही आशंका था कि यदि शर्तें डाले कि पहले से एफआईआर ना हो या शांतिपूर्ण शब्द का इस्तेमाल किया तो पुलिस के पास ताकत आ जाएगी कि जिसे पसंद नहीं करती उसे अशांतिपूर्ण कह देगी, इसलिए हमने कहा था कि जितने भी लोग इसमें जुड़े थे उनमें से किसी के खिलाफ कार्रवाई ना हो। हम लोग इंतजार कर रहे हैं।’
हमने जो कहा पहले वह हो, फिर सुप्रीम कोर्ट और राहत दे…
सौरभ दास ने कहा कि सरकार को पहले उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और इसके अलावा यदि सुप्रीम कोर्ट कुछ राहत दे तो उसे भी लागू किया जाए। उन्होंने कहा, ‘यदि सुप्रीम कोर्ट यदि कुछ शर्तें डाल रहा है तो हमें मंजूर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट यदि कुछ कह रहा है तो वह हमारी मांगों के अतिरिक्त हो। हमने जो कहा वह हो उसके बाद यदि सुप्रीम कोर्ट कुछ राहत दे तो सरकार को उसे भी पूरा करना चाहिए।’




